जंक फूड पर सिगरेट जैसी चेतावनी देना का आदेश : जानिए क्या है सच
junk food warning : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अब जंक फूड जैसे समोसे, जलेबी, कोल्ड ड्रिंक आदि पर सिगरेट जैसी चेतावनी जारी करने जा रहा है।

नई दिल्ली। junk food warning : सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अब जंक फूड को लेकर सिगरेट जैसी चेतावनी जारी करने की तैयारी में है। कहा गया कि मंत्रालय ने कैंटीन, मेस, हॉस्टल और सरकारी कार्यालयों में बिकने वाले समोसे, कचौड़ी, जलेबी और कोल्ड ड्रिंक जैसे खाद्य पदार्थों पर तेल, शक्कर और नमक की मात्रा स्पष्ट रूप से बताने का निर्देश दिया है।
बीमारियों को नियंत्रित करने का उद्देश्य
वायरल खबरों के अनुसार, यह निर्णय देश में तेजी से बढ़ रही मोटापा, डायबिटीज और हृदय संबंधी बीमारियों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इतना ही नहीं, यह भी दावा किया गया कि यह नियम भविष्य में स्कूलों और निजी संस्थानों में भी लागू किया जा सकता है।
एम्स नागपुर में आदेश को लागू
खबरों में यह भी बताया गया कि एम्स नागपुर में इस आदेश को लागू किया जा चुका है और जल्द ही वहां की कैंटीन और सार्वजनिक स्थलों पर ‘सावधान: अधिक चीनी और वसा’ जैसे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके समर्थन में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के नागपुर चैप्टर के अध्यक्ष अमर अमाले का बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि, “चीनी और ट्रांस फैट अब नए ‘तंबाकू’ हैं। लोगों को ये जानने का हक है कि वे क्या खा रहे हैं।”(junk food warning)
हालांकि, इस पूरे मामले में प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने स्थिति स्पष्ट करते हुए ट्वीट किया कि, “स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई अधिसूचना या निर्देश जारी नहीं किया गया है। यह खबर पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है।”
PIB की इस प्रतिक्रिया के बाद यह स्पष्ट हो गया कि फिलहाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई निर्णय या आदेश नहीं लिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंक फूड की लेबलिंग और जानकारी देना जरूरी कदम हो सकता है, लेकिन इसके लिए सुनियोजित नीति और आधिकारिक घोषणा की जरूरत है। फिलहाल, इस प्रकार की अफवाहों पर विश्वास करने से बचना चाहिए और केवल सरकारी स्रोतों से सत्यापित जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।(junk food warning)





