वोटर वेरिफिकेशन के विरोध में महागठबंधन का बंद: राहुल गांधी-तेजस्वी यादव सड़क पर उतरे, ट्रेनें रोकीं; हाइवे जाम

पटना। बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे वोटर वेरिफिकेशन अभियान के विरोध में बुधवार को महागठबंधन ने बिहार बंद का ऐलान किया। बंद के दौरान 5 शहरों में ट्रेनें रोकी गईं और 12 नेशनल हाईवे जाम किए गए। कई स्थानों पर आगजनी और प्रदर्शन भी हुए, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी दिल्ली से पटना पहुंचे और तेजस्वी यादव व पप्पू यादव के साथ इनकम टैक्स चौराहे से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च में भाग लिया। उनके साथ भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य भी मौजूद थे। बंद में RJD, कांग्रेस, वाम दल, VIP और जन अधिकार पार्टी समेत 6 से अधिक दलों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने भोजपुर में श्रमजीवी और विभूति एक्सप्रेस, जहानाबाद में मेमू पैसेंजर, दरभंगा में नमो भारत ट्रेन को रोका। पटना के मनेर में NH-30, बेगूसराय में NH-31 और आरा-सासाराम मार्ग को भी अवरुद्ध किया गया।
जाम की वजह से फंसे रहे यात्री
कटिहार में महिलाओं ने प्रदर्शनकारियों से रास्ता देने की गुहार लगाई, लेकिन लंबा जाम लगने से यात्री फंसे रहे। वैशाली में प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर चादर बिछाकर लेटने और भैंस खड़ा करने जैसी अनोखी प्रदर्शन शैली अपनाई। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण को लेकर अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।
ADR ने याचिका दायर की
ADR नामक संस्था ने याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि नागरिकता की पुष्टि करना चुनाव आयोग का काम नहीं है। 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। महागठबंधन ने ECI की इस प्रक्रिया को “गैर संवैधानिक और भेदभावपूर्ण” बताया है और इसे गरीब और प्रवासी वोटरों के अधिकारों पर हमला करार दिया है। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि प्रक्रिया पारदर्शिता के लिए है और सभी राज्यों में लागू की जाएगी।





