रायपुर: निगम की संपत्ति पर नियमों के खिलाफ खोला पूर्व महापौर का कार्यालय, शिकायतें पहुंचीं अधिकारियों तक

रायपुर। नगर निगम में जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों को लेकर बने नियमों का पालन नहीं हो रहा है। एक ओर जहां नियम कहते हैं कि कोई ठेकेदार चुनाव नहीं लड़ सकता और कोई जनप्रतिनिधि निगम की संपत्ति का फायदा नहीं उठा सकता, वहीं पूर्व महापौर ने नियमों को ताक पर रखकर निगम की दुकान में अपना पार्षद कार्यालय खोल लिया। इस मामले की शिकायत अब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की है।

निगम की संपत्ति पर कार्यालय खोलना नियमों के खिलाफ

बैजनाथपारा वार्ड के पार्षद कार्यालय को नगर निगम द्वारा जनसुविधा केंद्र की जगह पर खोल दिया गया। यह दुकान पुराने सुभाष स्टेडियम में बनी जनरिक मेडिकल स्टोर के पास है। नियमों के मुताबिक, कोई भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि निगम की संपत्ति पर किराए पर भी कार्यालय नहीं खोल सकता। यह जांच का विषय है कि दुकान किसके नाम पर और किस आदेश से आवंटित हुई।

नामांकन भी हो चुका था रद्द

पिछले साल महापौर पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन इस वजह से रद्द हो गया था क्योंकि वे नगर निगम में ठेकेदार भी थे। नियम के मुताबिक, कोई ठेकेदार चुनाव नहीं लड़ सकता। बावजूद इसके, चुनाव के बाद भी पूर्व महापौर खुद को निगम का प्रमुख मानकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

शिकायतें पहुंचीं निगम और अधिकारियों के पास

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सूचना के अधिकार के जरिए जानकारी जुटाकर इस मामले की शिकायत निगम और अन्य अधिकारियों तक पहुंचा दी है। हैरानी की बात यह है कि भाजपा के पार्षद और निगम के अन्य अधिकारी इस अवैध कब्जे पर अब तक कोई ध्यान नहीं दे पाए, जबकि वे अक्सर इस रास्ते से गुजरते हैं।

अब देखना होगा कि निगम इस नियम उल्लंघन पर क्या कार्रवाई करता है।

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