देहरादून DM साविन बंसल पर उठा सवाल: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की यात्रा में क्यों नहीं निभाया प्रोटोकॉल?

देहरादून:देहरादून के जिलाधिकारी साविन बंसल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार कारण है लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की मसूरी यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल का पालन न करना. 12 जून को स्पीकर बिरला मसूरी दौरे पर थे, लेकिन इस दौरान डीएम बंसल न तो उनके स्वागत के लिए पहुंचे और न ही फोन कॉल्स का जवाब दिया.
लोकसभा सचिवालय और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधिकारियों ने उत्तराखंड सरकार से इस मामले की शिकायत की है. इसके बाद प्रोटोकॉल विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस व्यवहार पर स्पष्टीकरण मांगा है.
पत्र में उल्लेख किया गया है कि स्पीकर कार्यालय द्वारा डीएम से फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई थी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. डीएम के असहयोगी रवैये की वजह से यह यात्रा विवादों में घिर गई है.
साविन बंसल, जो 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, मूल रूप से हरियाणा से आते हैं. उन्होंने NIT कुरुक्षेत्र से बीटेक किया और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से रिस्क डिजास्टर मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया है. वे पहले अल्मोड़ा और नैनीताल के डीएम रह चुके हैं.
इस घटना के बाद केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने मामले को गंभीरता से लिया है. लोकसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए दो पत्रों के हवाले से कहा गया है कि ओम बिरला को उनके संवैधानिक पद के अनुरूप न तो सम्मान मिला और न ही शिष्टाचार.
अब डीएम बंसल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी द्वारा इस तरह का व्यवहार क्या लापरवाही है या जानबूझकर किया गया प्रोटोकॉल उल्लंघन?
सरकार की ओर से इस पर अब क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.





