कथावाचक से मिला विवाह का भरोसा, ठगों ने रची साजिश, सुहागरात बनी जबलपुर के शिक्षक की आखिरी रात

जबलपुर:मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 49 वर्षीय अतिथि शिक्षक इंद्र कुमार तिवारी की हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। विवाह न होने की व्यथा कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के दरबार में व्यक्त करने के बाद उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी—लेकिन बेहतर की ओर नहीं। ठगों ने इस वीडियो को देख उनकी भावनात्मक कमजोरी को निशाना बनाया और एक फर्जी विवाह के बहाने उन्हें कुशीनगर बुलाकर जान ले ली।

इंद्र कुमार ने कथावाचक के मंच से कहा था कि उनके पास 18 एकड़ जमीन है लेकिन जीवनसाथी की तलाश अधूरी है। इसके बाद ठगों ने खुद को “मैरिज ब्यूरो” का सदस्य बताकर उनसे संपर्क किया और ‘खुशी’ नाम की महिला का रिश्ता सुझाया। शिक्षक ने जमीन गिरवी रखकर डेढ़ लाख रुपये जुटाए और दुल्हन के लिए गहने भी बनवाए।

30 मई को वे शादी के लिए जबलपुर से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर रवाना हुए। 5 जून को उन्होंने परिजनों को शादी की जानकारी दी, लेकिन 6 जून से उनका मोबाइल बंद हो गया। 11 जून को उपासपुर गांव के खेत में उनकी लाश बरामद हुई।

जांच में सामने आया कि सुहागरात के बहाने आरोपी महिला साहिबा खान उर्फ खुशी तिवारी ने दूध और खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश किया। इसके बाद गहनों और नकदी की लूट के बाद साथी कौशल गौण और अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी गई। शव को खेत में दफनाया गया।

जबलपुर एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा के अनुसार, कुशीनगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह सोशल मीडिया के ज़रिए अकेले और कमजोर लोगों को निशाना बनाकर ठगी करता है।

यह वारदात न केवल डिजिटल ठगी के खतरों को उजागर करती है, बल्कि सामाजिक भावनाओं के दोहन की भयावह सच्चाई को भी सामने लाती है।

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