पाकिस्तान जिंदाबाद’ वाला वीडियो शेयर करने वाले को नहीं मिली जमानत, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ जैसे नारे वाले वीडियो को फेसबुक पर शेयर करने के आरोप में गिरफ्तार अंसार अहमद सिद्दीकी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने कहा कि यह एक देश विरोधी गतिविधि है और अदालतों की जरूरत से ज्यादा सहनशीलता ही ऐसे मामलों की संख्या बढ़ने का कारण बन रही है। कोर्ट ने साफ कहा कि यह मामला जमानत देने योग्य नहीं है। 62 वर्षीय अंसार पर आरोप है कि उन्होंने 3 मई को एक वीडियो शेयर किया था जिसमें ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए थे और मुसलमानों से ‘पाकिस्तानी भाइयों’ का समर्थन करने की अपील की गई थी। यह मामला बुलंदशहर जिले के छतारी थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ है।
उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 (देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना) और धारा 197 (राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले कृत्य) के तहत केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी का कार्य भारत के संविधान और इसकी मूल भावना का अपमान है। साथ ही यह भी कहा गया कि अनुच्छेद 21 में दी गई व्यक्तिगत स्वतंत्रता का लाभ ऐसे देश विरोधी सोच वाले व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता।
आतंकी हमले के बाद वीडियो शेयर किया था
सरकारी वकील ने बताया कि वीडियो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शेयर किया गया, जिससे आतंकी गतिविधियों के समर्थन की बात स्पष्ट होती है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान संविधान के अनुच्छेद 51A(a) और 51A(c) का हवाला देते हुए कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह संविधान, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करे और देश की एकता व अखंडता की रक्षा करे।





