पहलगाम हमले का असर अमरनाथ यात्रा पर, रजिस्ट्रेशन में आई गिरावट: LG मनोज सिन्हा

पहलगाम:जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का असर अब अमरनाथ यात्रा पर भी साफ तौर पर देखा जा रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि इस घटना के बाद अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक केवल 85,000 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन की पुष्टि की है, जबकि पिछले साल 2.36 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था। अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। सिन्हा ने कहा कि पिछले साल यात्रा में रिकॉर्ड 5 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए थे, लेकिन इस बार 22 अप्रैल के हमले के चलते श्रद्धालुओं में डर का माहौल बना है, जिससे पंजीकरण पर सीधा असर पड़ा है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संख्या आगे बढ़ेगी और सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

एलजी ने यह भी जानकारी दी कि यात्रा की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। दोनों यात्रा मार्गों—पहलगाम और बालटाल—पर तीन लेयर की सिक्योरिटी होगी और मॉक ड्रिल पूरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पर्यटक स्थलों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फुलप्रूफ सुरक्षा तैयार की गई है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे व्यक्तिगत वाहनों में यात्रा न करें बल्कि सुरक्षाबलों के काफिले के साथ ही आगे बढ़ें। इस बार क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है, जिसके चलते हेलीकॉप्टर सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। हालांकि, एलजी ने स्पष्ट किया कि इससे यात्रा पर खास असर नहीं पड़ेगा क्योंकि केवल 8 प्रतिशत श्रद्धालु ही हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग करते हैं।

इस बीच प्रशासन ने बताया कि अमरनाथ गुफा तक जाने वाले रास्ते को अब 12 फीट तक चौड़ा कर दिया गया है और सभी संवेदनशील स्थानों को सुरक्षित किया गया है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में निहत्थे पर्यटकों पर गोलियां बरसाई गई थीं, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तहत ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था।

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