हाई टेंशन लाइन की चपेट में आया छात्र, मिट्टी में दबाने से नहीं बची जान, मुरादाबाद में दर्दनाक हादसा

मुरादाबाद:उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक दर्दनाक हादसे में 10वीं के छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा मूढापांडे थाना क्षेत्र के नियामतपुर इकरोटिया टोल प्लाजा के पास हुआ, जब 15 वर्षीय मोनीश अपने दोस्तों के साथ जामुन तोड़ने पेड़ पर चढ़ा था। दुर्भाग्यवश, उसका हाथ ऊपर से गुजर रही 11000 वोल्ट की हाई टेंशन लाइन से छू गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया।

हादसे के दौरान मोनीश के दोस्त घबरा गए और वहां से भाग गए। मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग को सूचित किया, जिसके बाद करीब 10 मिनट बाद लाइन की बिजली सप्लाई बंद की गई। इसके बाद कड़ी मशक्कत से युवक को पेड़ से नीचे उतारा गया। लेकिन घायल को अस्पताल ले जाने की बजाय अंधविश्वास के चलते उसे 35 मिनट तक मिट्टी में दबाकर रखा गया, सिर्फ उसका चेहरा बाहर था। ग्रामीणों का मानना था कि इससे करंट का असर कम हो जाएगा।

करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को मिट्टी से निकालकर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मोनीश की मौत की खबर से परिवार और गांव में कोहराम मच गया।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित अंधविश्वासों और प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता की कमी को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि करंट लगने की स्थिति में त्वरित चिकित्सकीय सहायता सबसे अहम होती है। यदि मोनीश को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया होता, तो उसकी जान बच सकती थी।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पेड़ के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन को हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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