भारत के लिए बड़ी खुशखबरी: अंडमान के समंदर में मिला कच्चे तेल का बड़ा भंडार, घटेगी विदेशों पर निर्भरता

 दिल्ली। भारत की ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को जानकारी दी कि अंडमान सागर में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का एक विशाल भंडार मिला है। यह भंडार हाल ही में गुयाना में पाए गए तेल भंडार के बराबर माना जा रहा है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो भारत की तेल आयात पर निर्भरता में बड़ी गिरावट आ सकती है।

तेल आयात पर भारत की भारी निर्भरता

वर्तमान में भारत अपनी 85-86% कच्चे तेल की जरूरत विदेशों से आयात कर पूरा करता है। भारत कुल 42 देशों से तेल खरीदता है, जिनमें से 46% तेल पश्चिम एशिया से आता है। ईरान-इजराइल संघर्ष और वैश्विक अस्थिरता के चलते यह आपूर्ति कभी भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अंडमान में मिला यह भंडार भारत के लिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

12 अरब बैरल तेल का अनुमान

मंत्री पुरी ने बताया कि गुयाना में 11.6 अरब बैरल तेल भंडार की खोज के बाद वहां की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल आया। अब अंडमान क्षेत्र में भी लगभग 12 अरब बैरल तेल की संभावना जताई जा रही है। सूर्यमणि नामक कुएं से 40 लाख टन, नीलमणि से 12 लाख टन और एक अन्य कुएं से 2,865 मीटर गहराई पर तेल व गैस दोनों मिले हैं।

देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

अगर यह अनुमान सही साबित होता है और वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जाता है, तो भारत की ऊर्जा जरूरतें घरेलू स्तर पर पूरी हो सकेंगी। इससे देश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि अंडमान क्षेत्र में और भी कई संभावित तेल क्षेत्रों की पहचान की जा रही है और खोदाई का काम जारी है। विशेषज्ञों की टीम इस पर दिन-रात काम कर रही है।

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