पाकिस्तान में असीम मुनीर को बड़ा झटका, बलूच लड़ाकों ने केच और पंजगुर पर किया कब्जा

इस्लामाबाद:पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सेना प्रमुख असीम मुनीर की सेना को तगड़ा झटका लगा है। बलूच लड़ाकों ने सेना को पीछे धकेलते हुए केच और पंजगुर जैसे अहम इलाकों पर कब्जा कर लिया है। यह घटना भारत-पाक तनाव के बीच सामने आई है, जब पाकिस्तान की सेना का ध्यान सीमावर्ती क्षेत्रों पर केंद्रित है।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, बलूच लड़ाकों ने पहले केच जिले में नाकेबंदी की, फिर थाने और सरकारी कार्यालयों पर हमला बोला। वहां तैनात सुरक्षाबलों को मारपीट कर इलाके से खदेड़ दिया गया। हमले के बाद लड़ाकों ने सरकारी इमारतों में आग लगा दी, जिससे अधिकारी और जवान जान बचाकर भाग निकले। इसके बाद बलूच लड़ाकों ने केच को अपने नियंत्रण में घोषित कर दिया।
इसी तरह की रणनीति पंजगुर में भी अपनाई गई। यहां भी नाकेबंदी के बाद हमले किए गए और सेना को पीछे हटना पड़ा। लासबेला जिले में विरोध करने वाले तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
बलूच आंदोलन ने हाल के दिनों में उग्र रूप लिया है। पिछले एक सप्ताह में बलूचिस्तान के कई हिस्सों में हमले हुए हैं। हालात को संभालने के लिए पाकिस्तान सरकार ने 150 बलूच आंदोलनकारियों को रिहा करने का फैसला लिया है, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा है।
पूर्व गृह मंत्री फजलुर रहमान ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सेना को पूरी तरह सीमाओं पर तैनात किया गया, तो देश के भीतर हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि खैबर, गिलगिट और बलूचिस्तान में आंतरिक संघर्ष गंभीर रूप ले रहा है और सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।
बलूच आंदोलन की यह ताजा घटना पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।





