भिलाई: मूर्तिकार अंकुश देवांगन ने बनाई महर्षि चरक की पहली प्रतिमा

भिलाई के प्रसिद्ध मूर्तिकार डॉ. अंकुश देवांगन ने आयुर्वेदाचार्य महर्षि चरक की पहली आकर्षक आदमकद प्रतिमा का निर्माण किया है। यह प्रतिमा छत्तीसगढ़ राज्य में महर्षि चरक की पहली मूर्ति मानी जा रही है।
महर्षि चरक को आयुर्वेद का जनक माना जाता है। उन्होंने “चरक संहिता” जैसी महान कृति लिखी, जिसमें उन्होंने वात, पित्त और कफ जैसी व्याधियों की पहचान की और सोना, चांदी, लोहा, पारा जैसे तत्वों से इलाज के सिद्धांत बताए। तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे कुषाण साम्राज्य के राजवैद्य बने।
मूर्तिकार अंकुश देवांगन को भारत की महान विभूतियों की सजीव प्रतिमाएं बनाने के लिए जाना जाता है। इस उपलब्धि पर उन्हें डी.एस. विद्यार्थी, बी.एल. सोनी, विजय शर्मा, मोहन बराल, विमान भट्टाचार्य समेत कई नामचीन कलाकारों और साहित्यकारों ने बधाई दी है।





