ISI भारत में खालिस्तानी समर्थकों को उकसा रही, पुलिस-सेना और सरकारी दफ्तर टारगेट पर

दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव में कुछ कमी आई है और दोनों देशों ने 10 मई को सीजफायर का ऐलान किया था, लेकिन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) अब भी भारत को अस्थिर करने की रणनीति पर काम कर रही है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, आईएसआई अब खालिस्तान समर्थकों को उकसाकर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में जुटी है। विशेष रूप से, कनाडा स्थित खालिस्तानी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू और अन्य आतंकियों को भारत विरोधी साजिशों में शामिल किया जा रहा है।
आईएसआई की इस नई रणनीति के तहत पंजाब, हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों में खालिस्तानी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय किया जा रहा है। इस नेटवर्क का मकसद पुलिस थानों, सेना और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले करना है। बीते दिनों में इस साजिश को लेकर एक नया पैटर्न सामने आया है जिसमें फरार खालिस्तानी आतंकी भारत लौटकर हमलों की योजना बना रहे हैं। इस संभावित खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों की पुलिस सतर्क हो गई हैं और कई इलाकों में पहले ही कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
खालिस्तानी नेटवर्क दोबारा हो रहा सक्रिय
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में ऐसे चार मामलों ने खालिस्तानी नेटवर्क की दोबारा सक्रियता की पुष्टि की है। पहला मामला नाभा जेल ब्रेक का आरोपी और 10 लाख का इनामी आतंकी कश्मीर सिंह का है, जो 9 साल बाद भारत लौटकर बिहार में गिरफ्तार हुआ। दूसरा मामला बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के आतंकी हैरी का है जिसे मनीमाजरा से हथियारों के साथ पकड़ा गया। तीसरे मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने आरडीएक्स के साथ बीकेआई के दो आतंकियों को पकड़ा, जो अमृतसर के एक थाने को निशाना बनाने वाले थे। चौथा मामला अमृतसर में ही पांच आतंकियों से जुड़ा है, जिन्होंने थाने पर ग्रेनेड से हमला करने की कोशिश की थी। सिर्फ आतंकी ही नहीं, सोशल मीडिया भी इस साजिश का एक बड़ा हथियार बना हुआ है।
पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे सोशल मीडिया जांच के दायरे में
खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान से चलाए जा रहे सैकड़ों खालिस्तान समर्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स को ट्रैक किया है, जो फर्जी पहचान और बॉट्स के जरिए युवाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं। इनमें से 100 से अधिक वीडियो भारत सरकार द्वारा ब्लॉक किए जा चुके हैं, जबकि आतंकी पन्नू के 50 से अधिक बॉट अकाउंट्स को भी बंद किया गया है। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि भारत को अस्थिर करने की साजिशें भले ही सीधे युद्ध के जरिए न चल रही हों, पर ‘प्रॉक्सी वॉर’ और साइकोलॉजिकल वॉरफेयर के जरिए पाकिस्तान की नापाक कोशिशें अब भी जारी हैं। सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं, लेकिन आने वाले दिनों में और अधिक सख्ती और सजगता की जरूरत है।





