अरुणाचल प्रदेश हमारा हिस्सा था, है और रहेगा – चीन की नापाक हरकत पर भारत की दो-टूक

नई दिल्ली: चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की बेतुकी कोशिशें अरुणाचल प्रदेश की निर्विवाद वास्तविकता को नहीं बदल सकतीं। उन्होंने कहा, “हमने नोटिस किया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों के नाम बदलने की व्यर्थ और बेतुकी कोशिश की है। हम इसे अपने सैद्धांतिक रुख के अनुरूप सिरे से अस्वीकार करते हैं।”
चीन द्वारा नाम बदलने की यह हरकत कोई नई नहीं है। इससे पहले भी चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 30 स्थानों के नाम बदलने का प्रयास किया था, जिसे भारत ने पूरी तरह खारिज कर दिया था। भारत का स्पष्ट मानना है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा।

रणधीर जायसवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “रचनात्मक नाम रख देने से यह निर्विवाद वास्तविकता नहीं बदली जा सकेगी कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है।”
उल्लेखनीय है कि चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का दक्षिणी भाग मानता है और वहां के नागरिकों को चीन आने के लिए वीजा भी जारी नहीं करता। चीन का दावा है कि अरुणाचल प्रदेश उसका क्षेत्र है, इसलिए वहां के लोगों के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है।
भारत ने एक बार फिर दो-टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि चीन की ऐसी नापाक कोशिशों से न तो ज़मीनी हकीकत बदलेगी और न ही भारत का रुख। अरुणाचल प्रदेश भारतीय गणराज्य का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा।





