“ऑपरेशन सिंदूर से नहीं मिली संतुष्टि, पीड़ित पत्नियों ने पाकिस्तान को नक्शे से मिटाने की मांग की”

नई दिल्ली, 8 मई 2025

भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया, लेकिन पहलगाम हमले में अपने पतियों को खो चुकी महिलाओं को इससे संतोष नहीं मिला। 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। आतंकियों ने विशेष रूप से पुरुषों को निशाना बनाकर उनके परिजनों के सामने उनकी हत्या की थी।

भारत की इस जवाबी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो उन विवाहित महिलाओं को श्रद्धांजलि है जिन्होंने हमले में अपने पति खो दिए। भारतीय संस्कृति में सिंदूर एक महिला के सुहाग का प्रतीक माना जाता है। पीड़ित महिलाओं ने इस सैन्य कार्रवाई की सराहना की, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना।

समीर गुहा की पत्नी सरबरी गुहा ने कहा, “केवल आतंकी ठिकानों पर हमले से शांति नहीं आएगी। पाकिस्तान को नक्शे से मिटाना ही स्थायी समाधान है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो उन्होंने खोया है, वह कभी वापस नहीं आएगा, लेकिन यह कार्रवाई आंशिक राहत जरूर देती है। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार जताया लेकिन कहा कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी।

इसी तरह बितान अधिकारी की पत्नी सोहिनी अधिकारी ने कहा, “मैंने अपना सिंदूर खो दिया है, किसी और महिला को वह दर्द न झेलना पड़े। मुझे लगता है कि मेरे दिवंगत पति इस कार्रवाई से खुश होंगे।”

विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस बयान के अनुरूप है जिसमें हमले के दोषियों को जवाबदेह ठहराने की बात कही गई थी। सैन्य सूत्रों के मुताबिक इस ऑपरेशन में लश्कर, जैश और हिजबुल जैसे संगठनों के मुख्य अड्डों को निशाना बनाया गया।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button