टाइप 5 डायबिटीज: जानिए इसके लक्षण और जोखिम

आपने टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज़ के बारे में ज़रूर सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब डायबिटीज़ का एक नया और चौंकाने वाला रूप सामने आया है — टाइप 5 डायबिटीज़।
वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ डायबिटीज 2025 में इस नई बीमारी का ज़िक्र किया गया, और इसके बारे में रिसर्च के लिए एक ग्लोबल टास्क फोर्स भी बनाई गई है।
क्या है टाइप 5 डायबिटीज?
यह बीमारी खासकर उन लोगों में पाई गई है:
जिनका वज़न कम होता है
जिनमें इंसुलिन रेज़िस्टेंस नहीं होता
जिनके परिवार में डायबिटीज की कोई हिस्ट्री नहीं होती
पहली बार इसे 1955 में जमैका में पहचाना गया था और तब इसका नाम J Type Diabetes रखा गया।
बाद में WHO ने 1985 में इसे “MRDM” (Malnutrition-Related Diabetes Mellitus) का नाम दिया, लेकिन 1998 में इसे हटा दिया गया क्योंकि उस समय पर्याप्त रिसर्च नहीं थी।
कितने लोग प्रभावित हैं?
अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में 2 से 2.5 करोड़ लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं।
भारत, बांग्लादेश, नाइजीरिया, इथियोपिया, युगांडा और थाईलैंड जैसे देशों में इसके मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं।
लक्षण क्या हैं?
बार-बार पेशाब आना
प्यास लगना
वज़न घटना
थकान महसूस होना
घाव भरने में समय लगना
धुंधली दृष्टि
2022 में CMC वेल्लोर और एल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज, न्यूयॉर्क के डॉक्टरों ने टाइप 5 डायबिटीज पर गहराई से रिसर्च की।
उन्होंने पाया कि यह बीमारी इंसुलिन की कमी (Insulin Deficiency) से होती है, न कि इंसुलिन रेज़िस्टेंस से।
साइंटिफिक अमेरिकन मैगज़ीन ने भी 2023 में इस पर रिव्यू आर्टिकल प्रकाशित किया, जिससे इस बीमारी को लेकर जागरूकता और बढ़ी।
किन्हें ज्यादा खतरा है?
जिनका BMI 18.5 से कम है
जो कम वजन के साथ जन्मे हैं
जिन्हें पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा
क्यों है पहचान ज़रूरी?
टाइप 5 को अगर टाइप 1 या टाइप 2 समझकर इलाज किया जाए तो मरीज को फायदा नहीं होगा।
इसलिए ज़रूरी है कि सही पहचान और इलाज हो।





