डार्क टूरिज्म का बढ़ता ट्रेंड: भारत की ये 4 जगहें बन रही हैं नई पसंद

नई दिल्ली, 26 अप्रैल 2025
घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए भारत में अनगिनत विकल्प हैं, लेकिन हाल के वर्षों में लोगों की पसंद में बदलाव आया है। अब टूरिज्म की एक नई शाखा तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जिसे ‘डार्क टूरिज्म’ कहा जाता है। इसमें लोग ऐसी जगहों की यात्रा करते हैं जो त्रासदी, मृत्यु या दर्दनाक इतिहास से जुड़ी होती हैं। इन स्थलों पर जाकर पर्यटक न सिर्फ इतिहास को महसूस करते हैं बल्कि उन घटनाओं से जुड़ी संवेदनाओं को भी समझते हैं।
डार्क टूरिज्म उन स्थलों को शामिल करता है जो युद्ध, नरसंहार, आपदाओं या दुखद घटनाओं के साक्षी रहे हैं। भारत में भी ऐसे कई स्थल हैं, जहां पर्यटक इस ट्रेंड के तहत जाना पसंद कर रहे हैं।
1. जलियांवाला बाग, अमृतसर
1919 में बैसाखी के दिन यहां ब्रिटिश जनरल डायर के आदेश पर हजारों निर्दोष लोगों को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। यह स्थल अब एक संग्रहालय में बदल दिया गया है और देशभक्तों को श्रद्धांजलि देने का केंद्र बन गया है।
2. भानगढ़ का किला, अलवर
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ किला देश की सबसे डरावनी जगहों में शुमार है। इसके पीछे कई रहस्यमय और प्रेतात्माओं की कहानियां जुड़ी हैं। शाम के बाद यहां लोगों का आना प्रतिबंधित है, लेकिन दिन में पर्यटक इसे देखने जरूर आते हैं।
3. यूनियन कार्बाइड प्लांट, भोपाल
3 दिसंबर 1984 को यहां हुए गैस रिसाव हादसे में हजारों लोग मारे गए थे। यह भारत की सबसे भयावह औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक थी। आज यह प्लांट खंडहर की शक्ल में खड़ा है और पर्यटक यहां उस हादसे के निशानों को देखने आते हैं।
4. सेलुलर जेल, अंडमान निकोबार
ब्रिटिश काल की इस जेल में भारत के स्वतंत्रता सेनानियों को अमानवीय यातनाएं दी जाती थीं। अब इसे म्यूजियम में बदल दिया गया है और यह देशभक्ति की भावना जगाने वाला डार्क टूरिज्म स्पॉट बन चुका है।
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