वंदे भारत की रफ्तार पर सुरक्षा का सवाल! आयोग ने दिए अहम सुझाव

बिलासपुर:भारतीय रेलवे की सबसे तेज़ और आधुनिक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पर अब सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रेलवे सुरक्षा आयोग ने एक रिपोर्ट में कहा है कि ट्रेन की डिजाइन में कुछ ऐसी खामियां हैं, जो तेज़ रफ्तार में हादसे का कारण बन सकती हैं।
आयोग ने बताया कि वंदे भारत का अगला डिब्बा बाकी ट्रेनों के मुकाबले हल्का होता है। ऐसे में अगर ट्रेन तेज़ रफ्तार में किसी मवेशी से टकरा जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है।
आयोग ने दिए ये 5 अहम सुझाव:
1. बेहतर आपातकालीन निकासी सिस्टम – अगर कोई हादसा हो जाए, तो यात्री जल्दी से बाहर निकल सकें इसके लिए व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
2. स्वचालित दरवाजे – आग लगने जैसी स्थिति में दरवाजे खुद-ब-खुद खुल जाएँ, ताकि समय न लगे।
3. फायर-प्रूफ केबल – ऐसी केबल लगाई जाए जो आग लगने पर भी काम करती रहे।
4. सुविधाजनक आपातकालीन सीढ़ियाँ – अभी की सीढ़ियाँ असुविधाजनक हैं, इन्हें चढ़ना-उतरना आसान बनाया जाए।
5. मजबूत हैंडल – दरवाजों के बाहर ऐसे हैंडल लगाए जाएं जिन्हें पकड़कर यात्री ज़रूरत पड़ने पर खुद को संभाल सकें।
आयोग ने सुझाव दिया है कि जहाँ-जहाँ मवेशी पटरियों पर आते हैं, वहाँ आरपीएफ के जवान तैनात किए जाएँ। साथ ही पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए सबवे बनाए जाएँ और लेवल क्रॉसिंग को पूरी तरह खत्म किया जाए ताकि ट्रेन बिना रुकावट तेज़ रफ्तार में चल सके।
रेलवे का क्या कहना है?
रेलवे सीपीआरओ विपुल विलासराव का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अभी दो वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं – एक बिलासपुर से नागपुर और दूसरी रायपुर-दुर्ग से विशाखापट्टनम तक। पिछले दो सालों से ये ट्रेनें बिना किसी बड़ी दिक्कत के चल रही हैं। उन्होंने कहा, “वंदे भारत की डिजाइन बहुत ही मजबूत और सुरक्षित है, इसमें किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।”
वंदे भारत एक्सप्रेस देश की शान है, लेकिन इसकी तेज़ रफ्तार को और सुरक्षित बनाने के लिए अब कुछ ज़रूरी बदलाव करने की सिफारिश की गई है। अगर ये सुझाव लागू होते हैं, तो ट्रेन सफर और भी सुरक्षित और आरामदायक हो सकता है।





