कैमरो की निगरानी में होगी गाड़ियों की जांच, मशीन से काटेंगे पुलिसकर्मी चालान, नई गाइड लाइन एमपी में लागू

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने गाड़ियों की जांच (व्हीकल चेकिंग) को लेकर नई सख्त गाइडलाइन जारी की है। अब कोई भी अधिकारी बिना वर्दी और बॉडी वॉर्न कैमरे के गाड़ी की जांच नहीं कर सकेगा। साथ ही चालान सिर्फ POS मशीन (पॉइंट ऑफ सेल) से ही बनाया जाएगा।
यह फैसला राज्य में हो रहे भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों को देखते हुए लिया गया है। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने बताया कि यह गाइडलाइन पहले कुछ जिलों में ट्रायल के तौर पर लागू की गई थी, और अब 15 मई से पूरे राज्य में लागू होगी।
गाड़ियों की जांच के नए नियम:
- वर्दी और नाम पट्टी जरूरी – जांच में लगे सभी अधिकारी वर्दी में होंगे और उनकी नेम प्लेट लगी होगी।
- कैमरे से रिकॉर्डिंग – कम से कम दो बॉडी वॉर्न कैमरे चालू रहेंगे, जिनमें एक लाइव मोड में होगा।
- POS मशीन से चालान – चालानी कार्रवाई सिर्फ POS मशीन से की जाएगी।
- एक बार में एक गाड़ी – एक समय पर सिर्फ एक गाड़ी की जांच होगी। उसके बाद ही दूसरी गाड़ी रोकी जा सकेगी।
- 15 मिनट से ज्यादा नहीं रोक सकेंगे – बिना खास वजह के किसी वाहन को 15 मिनट से ज्यादा रोका नहीं जा सकेगा।
- रात में जांच के लिए रोशनी जरूरी – अगर रात में जांच हो, तो चेकिंग प्वाइंट पर भरपूर रोशनी होनी चाहिए। स्टाफ के पास एलईडी बैटन और रिफ्लेक्टिव जैकेट होने चाहिए।





