खाद असली है या नकली? अब किसान खुद कर सकेंगे पहचान, कृषि विभाग ने बताए आसान तरीके

छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की तैयारी जोरों पर है और किसान खेतों में बुवाई के लिए उर्वरकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन असली और नकली खाद को लेकर किसानों के मन में अकसर संशय बना रहता है। इसी को देखते हुए कृषि विभाग के उप संचालक ने किसानों से अपील की है कि वे थोड़ी सतर्कता बरतें और कुछ आसान तरीकों से खाद की पहचान खुद कर लें।
कैसे पहचानें असली DAP?
सबसे पहले डीएपी के कुछ दाने लेकर हाथ में लें और उसमें थोड़ा सा चूना (जिस तरह तंबाकू में मिलाया जाता है) मिलाकर रगड़ें।
अगर उसमें से तेज गंध निकले जिसे सूंघना मुश्किल हो जाए, तो समझिए यह डीएपी असली है।
दूसरा तरीका यह है कि डीएपी के कुछ दानों को धीमी आंच पर तवे में गर्म करें। अगर दाने फूल जाएं, तो यह भी असली डीएपी की पहचान है।
नकली डीएपी सख्त, भूरे या काले रंग की होती है और नाखून से आसानी से नहीं टूटती।
यूरिया और अन्य खाद की पहचान
उप संचालक कृषि ने बताया कि सिर्फ डीएपी ही नहीं, बल्कि यूरिया, राखड़ खाद, पोटाश और जिंक सल्फेट जैसी खादों की भी पहचान की जा सकती है। इनकी शुद्धता जानने के लिए विभाग की ओर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान
गांवों में सिविल लगाकर और प्रचार-प्रसार के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वे नकली खाद के झांसे में न आएं और उनकी मेहनत से तैयार फसल बर्बाद न हो।
कृषि विभाग की अपील है कि किसान खाद खरीदते समय प्रमाणित दुकानों से ही खाद लें और जरूरत पड़ने पर खाद की जांच जरूर करें। इससे वे खुद को नुकसान से बचा सकते हैं और बेहतर पैदावार भी पा सकते हैं।





