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बीजेपी अध्यक्ष चुनाव में देरी पर PM मोदी ने संभाली कमान, जल्द होगा नाम तय

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में हो रही देरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। बुधवार को उन्होंने अपने आवास पर अमित शाह, राजनाथ सिंह और बीएल संतोष सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी बैठक की। इस बैठक में संगठन चुनावों में आ रही अड़चनों को दूर करने की रणनीति बनाई गई।

प्रदेश अध्यक्षों के नाम जल्द होंगे घोषित

बैठक में यह तय हुआ कि अगले 2-3 दिनों में करीब आधा दर्जन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के नामों की घोषणा की जाएगी। जैसे ही राज्यों में संगठन चुनाव पूरे होंगे, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की राह भी साफ हो जाएगी। माना जा रहा है कि 20 अप्रैल से बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

जेपी नड्डा का कार्यकाल जल्द हो रहा पूरा

जेपी नड्डा को जनवरी 2020 में बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। उनका कार्यकाल जनवरी 2023 में पूरा हो गया था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए उन्हें विस्तार दिया गया। पार्टी की संसदीय समिति ने 13 मार्च को उन्हें 40 दिनों का और समय दिया था, जो 23 अप्रैल को खत्म हो रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए प्रदेश संगठन चुनाव पूरे होने जरूरी हैं। बीजेपी के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए एक निर्वाचक मंडल बनाया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय और प्रदेश परिषदों के सदस्य शामिल होते हैं। जब तक राज्यों में संगठन चुनाव नहीं होते, तब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती।

उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में फैसला मुश्किल

कुछ बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी असमंजस में है। उत्तर प्रदेश में जातीय संतुलन को लेकर दुविधा है कि नया अध्यक्ष दलित, पिछड़ा या सवर्ण समुदाय से हो। इसी तरह गुजरात और कर्नाटक में भी संगठन को लेकर स्पष्टता नहीं बन पाई थी, जिसे बैठक में सुलझाने की कोशिश हुई।

सूत्रों के अनुसार कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात के प्रदेश अध्यक्षों के नामों पर सहमति बन गई है। इन नामों की घोषणा जल्द हो सकती है, जिससे राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव आगे बढ़ सके।

2029 की तैयारी का पहला कदम

बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष 2029 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की कमान संभालेगा। ऐसे में पार्टी ऐसा चेहरा चाहती है जो न सिर्फ संगठन को मज़बूती से चला सके बल्कि मोदी-शाह की टीम का भरोसेमंद हो और संघ की पसंद में भी फिट बैठे।

नए नेतृत्व के साथ-साथ बीजेपी संगठन में भी बड़े बदलाव की तैयारी में है। सचिव और महासचिव जैसे पदों पर युवाओं को 50% तक जगह देने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी बढ़ाने की कोशिश होगी।

अग्निपरीक्षा बनेगा बिहार, बंगाल और दक्षिण भारत

नए अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2025 में होने वाला बिहार विधानसभा चुनाव और 2026 में केरल, तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल के चुनाव होंगे। इन राज्यों में बीजेपी की स्थिति मजबूत नहीं रही है, इसलिए नए अध्यक्ष के लिए ये चुनाव लिटमस टेस्ट साबित होंगे।

जेपी नड्डा के स्थान पर अब पार्टी एक ऐसा चेहरा चाहती है जो संगठन को नई दिशा दे सके, चुनावी रणनीति में माहिर हो और राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी की ताकत को और बढ़ा सके। जल्द ही इस नाम से पर्दा उठने की संभावना है।

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