गुजरात मिशन: राहुल गांधी का सख्त संदेश – प्रदर्शन आधारित पद, वफादारों को टिकट

अहमदाबाद: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार रात गुजरात कांग्रेस की समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर अहम फैसले लिए गए। बैठक में राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब केवल प्रदर्शन और वफादारी के आधार पर पद और टिकट देगी।
प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नति
सर्किट हाउस में हुई इस बैठक में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, राज्य प्रभारी मुकुल वासनिक और राज्य के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। राहुल गांधी ने नेताओं के प्रदर्शन की समीक्षा की और कहा कि जो नेता अपने कार्यों में नाकाम होंगे, उन्हें कोई पद नहीं मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पदोन्नति केवल उन्हें मिलेगी जो जिम्मेदारी निभाएंगे और जनता के बीच सक्रिय रहेंगे।
जनता के बीच रहने वालों को टिकट
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि पार्टी केवल उन्हीं नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी टिकट देगी, जो जनता के बीच रहकर काम कर रहे हैं। जो लोग केवल चुनाव के समय सक्रिय होते हैं, उन्हें टिकट नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पार्टी अगर सत्ता में आती है, तो बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों को मंत्री बनाया जाएगा।
बीजेपी समर्थक नेताओं की होगी पहचान
राहुल गांधी ने पार्टी में घुसे भाजपा समर्थक तत्वों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर हमें कांग्रेस को मज़बूत करना है तो पहले वफादारों और भाजपा समर्थकों की पहचान करनी होगी। जो भाजपा के लिए अंदर से काम कर रहे हैं, उनके लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं है।”
पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
बुधवार को राहुल गांधी अरवल्ली जिले के मोडासा में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और जिलाध्यक्ष चुनने के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे। यह दौरा अप्रैल की शुरुआत में अहमदाबाद में हुए कांग्रेस अधिवेशन के बाद हो रहा है। राहुल गांधी का यह मिशन राज्य में कांग्रेस को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।





