हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इंडियन ट्रेड एंड ट्रांसपोर्ट कंपनी का बैंक खाता डी-फ्रीज करने का आदेश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जीएसटी विभाग की कार्रवाई को अनुचित मानते हुए एक व्यवसायिक फर्म का बैंक खाता तत्काल प्रभाव से डी-फ्रीज करने का आदेश दिया है। यह मामला सक्ती जिले के बाराद्वार स्थित इंडियन ट्रेड एंड ट्रांसपोर्ट कंपनी से जुड़ा है, जो व्यापार का काम करती है।

इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर खाता हुआ था फ्रीज

वर्ष 2017-18 के जीएसटी रिटर्न में कंपनी द्वारा लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट को गलत बताते हुए विभाग ने GST अधिनियम की धारा 73 के तहत कार्रवाई की थी। इसके तहत कंपनी के प्रोपराइटर के निजी बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया था।

हाईकोर्ट ने माना कार्रवाई गलत, खाते को संचालन योग्य करने का आदेश

कंपनी ने पहले इस आदेश के खिलाफ आयुक्त के समक्ष अपील की थी, लेकिन वह खारिज हो गई। इसके बाद अधिवक्ता सुशोभित सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका में तर्क दिया गया कि टैक्स निर्धारण की कानूनी समय सीमा तीन वर्ष होती है, और यह समय पहले ही पूरा हो चुका है।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब तक जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील लंबित है, तब तक प्रोपराइटर का खाता फ्रीज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने खाता तुरंत संचालन योग्य बनाने का निर्देश दिया।

इस फैसले को व्यापारिक जगत के लिए राहत भरा माना जा रहा है, खासकर उन व्यापारियों के लिए जिन पर बिना समयसीमा का ध्यान रखे टैक्स कार्रवाई की जाती है।

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