सेटेलाइट से जंगलों की निगरानी, अब आग लगने से पहले मिलेगी चेतावनी

बिलासपुर: गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने से वन्यजीवों और वन संपदा को नुकसान हो रहा है। इस समस्या को देखते हुए, अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) प्रबंधन ने जंगलों की सुरक्षा के लिए एक नया और प्रभावी कदम उठाया है। अब सेटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल करके जंगलों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिससे जंगलों पर हर दिन नजर रखी जा रही है।
जंगल में आग से बचाव के लिए नई योजना
कंट्रोल रूम से सेटेलाइट के माध्यम से जंगलों का जायजा लिया जा रहा है। यह काम सुबह 4 बजे से लेकर दोपहर 2:30 बजे तक और फिर शाम 5 बजे किया जाता है। इसके जरिए आग लगने की संभावना वाले क्षेत्रों की नियमित जांच की जा रही है ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। आग की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो जाएगी, और कर्मचारियों को आवश्यक उपकरण व वर्दी दी गई है।
इसके अलावा, हर बीट में ‘अग्नि प्रहरी’ की नियुक्ति की गई है, जो नियमित रूप से क्षेत्र की स्थिति की जानकारी देता है। वन विभाग ने एटीआर के 19 गांवों और सीमावर्ती गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया है, ताकि लोग जंगल में आग न लगाएं। स्थानीय कर्मचारियों को तैनात कर साइकिल से हैंड माइक के जरिए जागरूक किया जा रहा है।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए तकनीकी कदम
इस तकनीकी पहल के जरिए जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा। एटीआर में वर्तमान में 13 बाघ हैं, जिनमें से तीन शावकों की हाल ही में कैमरे में तस्वीरें आई हैं।





