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मुंबई अटैक के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से NIA ने की 3 घंटे तक पूछताछ, जानिए क्या मिला जवाब

मुंबई। 26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पूछताछ कर रही है। राणा से 166 लोगों की मौत का हिसाब हो रहा है। ‘मुंबई हमले’ का पूरा राज उगलवाने की कोशिश जारी है। शुक्रवार 11 अप्रैल को पहले दिन NIA ने 3 घंटे में राणा से 8 सवाल पूछे?…राणा का एक ही जवाब-‘याद नहीं और पता नहीं’…। जांच अधिकारी अब राणा से ताबड़तोड़ पूछताछ करेंगे। एनआईए की टीम सवालों की लिस्ट लेकर तैयार है।

 

जानकारी के मुताबिक, NIA ने राणा से पहला सवाल पूछा-वो भारत कब और कैसे आया? जिस पर उसका जवाब आया -‘याद नहीं। भारत में कहां-कहां रुका? जवाब में कहा -याद नहीं। भारत में किन-किन लोगों से मिला? राणा ने जवाब दिया -पता नहीं। मुंबई कब और कैसे आया? उसने फिर कहा याद नहीं?। हेडली से कब मुलाकात हुई? जवाबदिया गया -पता नहीं। परिवार में कौन-कौन है? जवाब मिला -याद नहीं। आतंकी राणा ने NIA ने आखरी सवाल किया परिवार कहां रहता है? उसने फिर से जवाब दिया -पता नहीं। जांच अधिकारियों ने दोस्तों और उसके रिश्तेदारों के बारे में भी पूछा, लेकिन आतंकी सिर्फ याद नहीं और पता नहीं कहता रहा।

 

सूत्रों के मुताबिक, आतंकी तहव्वुर राणा और हेडली के बीच करीब 231 बार फोन पर बातचीत हुई थी। NIA की टीम मामले की पूरी जांच-पड़ताल कर रही है। राणा से मुंबई हमले के पहले 231 कॉल डिटेल्स के बारे में भी पूछताछ होगी। आखिर हेडली और राणा के बीच इतनी बार बातचीत का क्या मकसद था, और क्या-क्या प्लान किया था, क्या-क्या इनपुट एक-दूसरे से शेयर किया गया था। जल्द NIA की पूछताछ में बड़ा खुलासा होगा।

 

तहव्वुर राणा को दिल्ली में एनआईए के हेड क्वार्टर में रखा गया है। NIA कोर्ट ने राणा को 18 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा है। जांच एजेंसी की जिस सेल में राणा बंद है, वहां सिर्फ 12 लोगों का ही आना-जाना है। आतंकी राणा कड़ी निगरानी में है। जांच के बाद ही खाना और पानी दिया जा  रहा है। जांच का नेतृत्व एनआईए की उपमहानिरीक्षक जया रॉय कर रही हैं, जो मुख्य जांच अधिकारी भी हैं।

 

एनआईए राणा से मुंबई हमले से जुड़े तमाम पहलुओं पर पूछताछ करेगी। सवालों की लिस्ट लंबी है। अब पूछताछ की अगली कड़ी में स्लीपर सेल के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी। हेडली के अलावा और कितने लोगों के साथ मिलकर राणा ने 26 /11 हमले की साजिश रची। हाफिज सईद और अब्दुल रहमान लकवी से कितनी बार मिले? क्या-क्या बात हुई। आखिर आतंकियों का मुंबई अटैक का असल मकसद और मुख्य टारगेट क्या था?

 

पाकिस्तान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से राणा को कब-कब निर्देश मिले? कितनी बार पाकिस्तान की यात्रा की? मुंबई 26/11 हमलावरों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट करने वालों से कब और कितनी बार मुलाकात की थी? समुद्री रास्ते का चयन क्यों किया? हाथियार कहां से आए? किसने भेजे?हमलावरों की ट्रेनिंग कहां हुई? किसने ट्रेनिंग दी। और किन-किन शहरों पर हमले की योजना थी?

 

बता दें तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। 64 साल के राणा ने आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की और पाकिस्तान आर्मी में 10 साल तक बतौर डॉक्टर काम किया। राणा को काम पसंद नहीं आया और नौकरी छोड़ दी। साल 1997 में कनाडा चला गया और वहां इमिग्रेशन सर्विसेस देने वाले बिजनेसमैन के तौर पर काम शुरू किया। जिसके बाद कनाडा से अमेरिका पहुंचा और शिकागो सहित कई लोकेशंस पर फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज नाम से कंसल्टेंसी फर्म खोली। राणा कई बार कनाडा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड भी गया। राणा 7 भाषाएं बोल सकता है। भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने वाला तहव्वुर राणा अभी कनाड़ा का नागरिक है।

 

26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने हमले किए। हमलों में 166 लोग मारे गए। 300 से अधिक लोग घायल हुए। मुंबई हमले की चार्जशीट में राणा का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज है। राणा ISI और लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है। राणा हमले के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी डेविड कोलमैन हेडली की मदद कर रहा था। राणा ने हेडली को मुंबई में फर्स्ट वर्ल्ड नाम से ऑफिस खोलने में मदद की। राणा ने आतंकी गतिविधियों को छुपाने के लिए ऑफिस खोला था।

 

NIA ने आतंकी तहव्वुर राणा से लगभग 3 घंटे पूछताछ की। इस दौरान उसने पूछताछ में सहयोग नहीं किया और ज्यादातर सवालों का जवाब ना या फिर याद नहीं कहकर टाल दिया। NIA राणा से इन तीन अहम सवालों का जवाब चाह रही थी, जिनमें उसका पाकिस्तान हैंडलर कौन था? उसे फंडिंग कहां से मिल रही है? और भारत सहित अन्य देशों में स्लीपर सेल में शामिल लोग कौन-कौन हैं।

 

न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने राणा को केवल एक सॉफ्ट-टिप कलम का उपयोग करने और NIA अधिकारीयों की मौजूदगी में अपने वकील से एक निश्चित दुरी में मिलने की अनुमति दी है। NIA को हर 24 घंटे में राणा की मेडिकल जांच करने और उसे हर दूसरे दिन अपने वकील से मिलने देने का निर्देश दिया है। बता दें आतंकी राणा की तरफ से एडवोकेट पीयूष सचदेवा केस लड़ेंगे।

 

कौन हैं राणा का वकील पीयूष सचदेवा

 

पीयूष सचदेवा एक वकील हैं जो दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं। वे दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े हुए हैं और इसी प्राधिकरण द्वारा दी गई जिम्मेदारी के कारण वे यह मामला संभाल रहे हैं। राणा को भारत का दुश्मन माना जाता है, लेकिन भारत की न्याय व्यवस्था सभी को न्याय पाने का अधिकार देती है, जिसमें कोर्ट में अपनी बात रखने और वकील की सहायता प्राप्त करने का अवसर शामिल है। इसी प्रक्रिया के तहत पीयूष सचदेवा राणा का केस लड़ेंगे।

 

वकील सचदेवा ने साल 2011 में आईएलएस लॉ कॉलेज, पुणे से विधि की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद किंग्स कॉलेज, लंदन से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और वाणिज्यिक कानून में मास्टर डिग्री हासिल की। उनका कानूनी करियर साल 2012 में शुरू हुआ और यह एक दशक से अधिक समय तक फैला हुआ है, जिससे उन्हें व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है। सचदेवा, जो सीजीसी पार्टनर्स में कार्यरत हैं, साल 2021 से डीएलएसए के साथ भी सूचीबद्ध हैं ,

 

इसलिए लड़ रहे आतंकी का केस

 

यदि कोई व्यक्ति अदालत में अपनी रक्षा के लिए वकील नियुक्त नहीं कर पाता या कोई वकील उसके मामले को संभालने के लिए तैयार नहीं होता, तो वह विधिक सेवा प्राधिकरण से वकील की मांग कर सकता है। इसके बाद, आरोपी की मांग पर विधिक सेवा प्राधिकरण उसके बचाव के लिए एक वकील नियुक्त करती है। इसी प्रक्रिया के तहत पीयूष सचदेवा को आरोपी तहव्वुर राणा का वकील नियुक्त किया गया है। वास्तव में, वकील सचदेवा आरोपी तहव्वुर राणा के मामले को लड़कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।

 

फिलहाल NIA के 3 घंटे की पूछताछ में आतंकी राणा हर सवाल के जवाब में अधिकारियों को उलझा कर रखा हुआ है। वही अब NIA के अधिकारी राणा से पूछताछ के दौरान सख्ती बरत सकते हैं। जिसके बाद 26/11 मुंबई हमले के मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। बता दें 26 नवंबर साल 2008 का दिन मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के लिए जाना जाता है। इस हमले को लगभग 17 साल बीत चुके हैं, फिर भी कई आरोपियों को अभी तक सजा नहीं मिली है। वही भारत के दुश्मन और इस हमले का मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा चुका है। अब इस आतंकवादी हमले की योजना और इसके पीछे की साजिशों का जल्द ही खुलासा होगा, जिससे कई छिपे हुए रहस्य उजागर होंगे।

 

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