शाह ने नक्सल इनकाउंटर की समीक्षा करी, पुलिस-केंद्रीय एजेंसियों को संयुक्त टीम बनाकर काम करने का दिया निर्देश

रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में एक बैठक के दौरान कहा कि नक्सली अब छत्तीसगढ़ से भागकर दूसरे राज्यों में जा रहे हैं। अफसरों ने शाह को बताया कि पिछले एक साल में हमारी फोर्स ने जंगलों में नक्सलियों का सामना कर कई एनकाउंटर किए हैं।

बैठक में अमित शाह ने निर्देश दिए कि नक्सलियों को पकड़ने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। उन्होंने IB के अधिकारियों से खुफिया जानकारी पर काम करने की बात कही। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा भी शामिल थे। राज्य सरकार ने नक्सल ऑपरेशंस और योजनाओं के बारे में अमित शाह को जानकारी दी।

नियद नेल्लानार का दायरा बढ़ेगा

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में विकास और सुरक्षा दोनों में संतोषजनक प्रगति को लेकर भी सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में सरकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘नियद नेल्लानार’ का दायरा 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनता को समान विकास के अवसर मिलने चाहिए।

31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सफाया

अमित शाह ने अफसरों से कहा कि उन्हें 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करना है। यह तारीख ऐतिहासिक होगी जब छत्तीसगढ़ और पूरे देश में नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा। उन्होंने कहा, “नक्सलवाद ने कई पीढ़ियों को बर्बाद किया है, अब इसका समूल नाश करना आवश्यक है। इस लड़ाई को अब बिखरने नहीं देना है।” बैठक में CRPF, BSF, ITBP, और NIA के अधिकारी भी शामिल थे।

दंतेवाड़ा में अमित शाह की घोषणा

अमित शाह ने दंतेवाड़ा में कहा कि अगले चैत्र नवरात्रि तक लाल आतंक खत्म हो जाएगा और बस्तर में नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरेंडर करें और अपने गांवों को नक्सल मुक्त बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि हर गांव को एक करोड़ रुपये मिलेंगे। अमित शाह के इस बयान से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दे रही है।

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