महादेव सट्टा ऐप मामला: भूपेश बघेल पर FIR से गरमाई सियासत

रायपुर। महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर FIR दर्ज होने के बाद प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। CBI की रेड को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। कांग्रेस जहां इसे राजनीतिक बदला बता रही है, वहीं भाजपा इसे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का नाम दे रही है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है।
“कानून से बड़ा कोई नहीं” – स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि कोई भी कितना भी ताकतवर हो, कानून से बड़ा नहीं हो सकता। सरकार सभी घोटालों की निगरानी कर रही है और जिसने भी पावर का गलत इस्तेमाल किया है, उस पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि गलत काम करने वालों पर जांच हो रही है, कांग्रेस को सहयोग करना चाहिए।
“CBI से डराना चाहती है सरकार” – कांग्रेस
कांग्रेस के पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आरोप लगाया कि CBI के छापों के बाद 21 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। बैज ने सवाल उठाया कि मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर का नाम 8वें नंबर पर है, लेकिन भूपेश बघेल का नाम 6वें नंबर पर। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
महादेव सट्टा ऐप मामले में जांच जारी है और दोनों पार्टियां इसे लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं।





