भारत-अमेरिका की मजबूत मित्रता, व्यापारिक संबंधों पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मित्रता, आपसी सम्मान और सद्भावना काफी मजबूत रही है। जब दोनों देश मिलकर काम करते हैं, तो यह एक “फोर्स मल्टीप्लायर” की तरह काम करता है।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर क्या बोले गोयल?
टीवी 9 न्यूज नेटवर्क के एक कार्यक्रम में पत्रकार पद्मजा जोशी ने अमेरिका के टैरिफ नीति पर सवाल किया, जिस पर पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका और भारत अपने-अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यूरोपीय यूनियन और गल्फ देशों की नजर अब भारत के साथ व्यापार करने पर है। भारत कई देशों के साथ व्यापारिक समझौते कर रहा है, जिसमें यूरोप के चार देश और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका का रिश्ता अब बराबरी का हो गया है। पहले हम “बराबर की दूरी” रखते थे, लेकिन अब “बराबर की मित्रता” निभा रहे हैं। दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं और जो भी फैसले होंगे, वे दोनों के हित में होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी व्यापारिक साझेदारी तभी सफल होती है जब दोनों पक्षों को लाभ हो।
भारत की बढ़ती ताकत
गोयल ने भारत की बढ़ती ताकत पर जोर देते हुए कहा कि आज भारत दुनिया में सबसे ज्यादा ग्रैजुएट तैयार कर रहा है, जिनमें से 43% महिलाएं हैं। भारत में एक स्वतंत्र न्यायपालिका और जीवंत मीडिया है, जिसे पूरी दुनिया स्वीकार करती है। यही वजह है कि भारत के साथ व्यापार करने के लिए दुनिया के कई देश आगे आ रहे हैं।
कनाडा और भारत के व्यापारिक संबंध
कनाडा के साथ व्यापारिक संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में पीयूष गोयल ने कहा कि सही समय आने पर सही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति और व्यापारिक रणनीति राष्ट्रीय हितों के आधार पर तय की जाती है।
कानून और लोकतंत्र पर विचार
सुप्रीम कोर्ट के एक जज पर की गई टिप्पणी को लेकर चल रहे विवाद पर भी गोयल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी को गद्दार कहना उचित नहीं है और किसी जज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून के दायरे में रहकर हर किसी को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता है, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक सभ्य पार्टी है और कानून के शासन में विश्वास रखती है। देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।





