नेपिडॉ/बैंकॉक:म्यांमार-थाईलैंड में भूकंप से तबाही, 7.7 तीव्रता के झटकों से हिला बैंकॉक

नेपिडॉ/बैंकॉक: म्यांमार और थाईलैंड में 28 मार्च को आए शक्तिशाली भूकंप ने तबाही मचा दी। रिक्टर स्केल पर 7.7 और 6.4 की तीव्रता वाले इन भूकंपों का केंद्र म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में था। भूकंप की गहराई महज 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किए गए।
भूकंप की वजह क्या है?
म्यांमार का सागाइंग क्षेत्र भूकंपीय रूप से संवेदनशील है क्योंकि यह भारतीय और बर्मा टेक्टोनिक प्लेटों की बाउंड्री पर स्थित है। यह क्षेत्र 1,200 किलोमीटर लंबी सागाइंग फॉल्ट लाइन पर स्थित है, जहां प्लेटों के मूवमेंट के कारण अक्सर भूकंप आते हैं।
भूकंप का इतिहास
सागाइंग फॉल्ट पर पहले भी बड़े भूकंप आ चुके हैं।
- 1946: 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था।
- 2012: 6.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटें हर साल 11 से 18 मिलीमीटर तक खिसकती हैं, जिससे समय के साथ तनाव बढ़ता जाता है। जब यह तनाव अचानक से रिलीज होता है, तो शक्तिशाली भूकंप आते हैं।
तबाही के हालात
भूकंप से म्यांमार में कई इमारतें ढह गईं और पुलों को नुकसान पहुंचा। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में विनाशकारी दृश्य देखे जा सकते हैं। थाईलैंड में भी लोग झटकों से घबराकर सड़कों पर आ गए। हालांकि, अब तक हुए नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र भविष्य में भी बड़े भूकंप की चपेट में आ सकता है।





