सिम्स में विश्व टीबी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार और रंगोली से दिया गया संदेश

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ –
बिलासपुर के सिम्स मेडिकल कॉलेज में आज विश्व टीबी दिवस के अवसर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी (क्षय रोग) के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना और इस बीमारी के उन्मूलन की दिशा में चल रहे प्रयासों को साझा करना था।
टीबी मुक्त भारत अभियान पर सेमिनार और विशेषज्ञों की चर्चा
सिम्स के ऑडिटोरियम में आयोजित सेमिनार में कॉलेज के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति, अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, और कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक व मेडिकल स्टाफ ने हिस्सा लिया। इस सेमिनार में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि क्षय रोग से मुक्ति पाने के लिए समय पर जांच, सही उपचार, और लोगों में जागरूकता आवश्यक है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम और ‘निक्षय पोषण योजना’ जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई, जो मरीजों को मुफ्त दवाएं और आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं। इन योजनाओं के माध्यम से टीबी मरीजों को इलाज में सहूलियत मिलती है, और इसके साथ ही उनका सामाजिक और आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सकता है।
रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से जागरूकता
जागरूकता बढ़ाने के लिए सिम्स के एमबीबीएस विद्यार्थियों ने रंगोली प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने टीबी की रोकथाम और इलाज से जुड़े संदेशों को कलात्मक रूप से दर्शाया। रंगोली में दिखाए गए संदेशों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और यह जागरूकता फैलाने का एक प्रभावी माध्यम बना।
सिम्स प्रबंधन का आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान सिम्स प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से टीबी उन्मूलन अभियान को और गति मिलेगी, और यह हमारी साझा जिम्मेदारी है कि हम इस अभियान को सफल बनाएं।
टीबी उन्मूलन की शपथ
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ और विद्यार्थियों ने एकजुट होकर टीबी उन्मूलन की शपथ ली। उन्होंने समाज में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने और इस रोग से मुक्ति पाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।





