कर्नाटक में हनीट्रैप विवाद: मंत्री केएन राजन्ना और उनके बेटे को फंसाने की कोशिश

कर्नाटक की राजनीति में हनीट्रैप विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। मंत्री केएन राजन्ना और उनके बेटे विधान परिषद सदस्य राजेंद्र ने दावा किया है कि उन्हें हनीट्रैप में फंसाने की साजिश रची गई थी। राजन्ना ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके पास जानकारी है कि 48 नेताओं के हनीट्रैप वीडियो मौजूद हैं।
राजन्ना का बड़ा दावा
राजन्ना ने कहा कि न केवल उन्हें, बल्कि उनके बेटे राजेंद्र को भी हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले छह महीनों से उनके बेटे को निशाना बनाया जा रहा था। मंत्री ने गृह मंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
गृह मंत्री का आश्वासन
गृह मंत्री परमेश्वर ने इस मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि अगर लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो वे उच्च स्तरीय जांच का आदेश देंगे।
विधायक मुनिरत्न का बयान
विधानसभा में विधायक मुनिरत्न ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हनीट्रैप गिरोह के लोग उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहे हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उन्हें और रमेश जारकीहोली को भी हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश की गई थी।
राजनीति में भूचाल
इस खुलासे के बाद कर्नाटक की राजनीति में हड़कंप मच गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोल रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। अब देखना होगा कि गृह मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के तहत जांच कब और कैसे शुरू होती है।





