जेल में कवासी लखमा ने सचिन पायलट को सुनाई अपनी आपबीती, कहा – ‘षड्यंत्र में फंसाया गया’

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट से अपनी आपबीती साझा की। सचिन पायलट ने हाल ही में रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर लखमा से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और विधायक देवेंद्र यादव समेत कई कांग्रेस नेता भी मौजूद रहे।
कवासी लखमा का बयान:
लखमा ने पायलट को बताया कि उनका शराब घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें षड्यंत्र के तहत इस मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा, “मैं नहीं जानता कि शराब कहाँ बन रही है, कौन सप्लाई कर रहा है या बॉटलिंग का काम कौन देख रहा है। विभागीय मंत्री होने के बावजूद मुझे इन मामलों में कभी कोई चर्चा करने लायक नहीं समझा गया। अधिकारी आते थे, आर्डर पढ़कर सुनाते थे और मैं बस फाइलों पर साइन कर देता था। मुझे बड़े नेताओं ने पार्टी का वास्ता देकर साइन करने के लिए कहा था और कहा गया था कि कुछ नहीं होगा। लेकिन अब वही लोग बाहर घूम रहे हैं और मैं सजा भुगत रहा हूं।”
सचिन पायलट का बयान:
जेल में मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जो लोग भाजपा की विचारधारा का विरोध करते हैं, उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है। सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके विरोधियों को दबाने की कोशिश की जा रही है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं है, बल्कि विचारधारा की लड़ाई है और हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
ईओडब्ल्यू को मिली पूछताछ की अनुमति:
इस बीच, EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) की टीम को 19 और 20 मार्च को कवासी लखमा से पूछताछ की अनुमति मिली है। जांच एजेंसी को इनपुट मिला है कि घोटाले से जुड़े पैसों का कुछ हिस्सा नक्सलियों तक भी पहुंचा है। इसी के आधार पर अब कवासी लखमा से सवाल पूछे जाएंगे।
क्या है शराब घोटाला?
यह मामला तब शुरू हुआ जब 11 मई 2022 को आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत और अवैध दलाली का खेल चल रहा है। ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने जांच के बाद 2161 करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा किया। चार्जशीट के अनुसार, 2017 में आबकारी नीति में बदलाव कर CSMCL के ज़रिए शराब बेचने की व्यवस्था की गई थी। 2019 के बाद शराब घोटाले का मास्टरमाइंड अनवर ढेबर को बताया गया, जिसने अधिकारियों और राजनीतिक रसूख वाले लोगों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया।
अगली सुनवाई कब?
इस मामले में ED ने 13 मार्च को स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों की चार्जशीट पेश की है, जिसमें कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।
यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में हड़कंप मचा रहा है और कांग्रेस पार्टी इसे भाजपा सरकार की साजिश बता रही है। अब देखना यह होगा कि आने वाली सुनवाई में क्या नतीजा निकलता है।





