नागपुर हिंसा: 59 आरोपियों में शामिल 8 हिंदू संगठन, पुलिस ने 46 को किया गिरफ्तार

नागपुर:महाराष्ट्र के नागपुर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर भड़की हिंसा ने शहर को हिला दिया। इस मामले में अब तक 59 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 8 विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस ने अब तक 46 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
VHP और बजरंग दल पर क्या आरोप?
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने महाराष्ट्र और गोवा के VHP प्रभारी सचिव गोविंद शेंडे सहित कई अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, अफवाहें फैलाई गईं कि आंदोलन के दौरान एक समुदाय के धर्म ग्रंथ को जलाया गया, जिससे हिंसा और भड़क गई।
गणेशपेठ थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने अमोल ठाकरे, डॉ. महाजन, तयानी, रजत पुरी, सुशील, वृषभ अर्खेल, शुभम और मुकेश बारापात्रे सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन सभी पर धार्मिक उन्माद फैलाने और माहौल बिगाड़ने के गंभीर आरोप हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन शामिल?
अब तक गिरफ्तार किए गए 46 आरोपियों में से कई की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है। इनमें से कुछ आरोपी छोटे व्यवसायी हैं, जिनकी परचून की दुकानें या गैरेज हैं। पुलिस ने सभी को 21 मार्च तक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि 6 आरोपी घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।
शहर में पुलिस का रूट मार्च
हिंसा के बाद नागपुर पुलिस ने प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया। पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंघल ने बताया कि इस मार्च का उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करना और यह सुनिश्चित करना था कि हालात नियंत्रण में रहें। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हिंसा की साजिश कहां से रची गई और इसे भड़काने में कौन-कौन शामिल था।
नागपुर पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और चेतावनी दी है कि अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की सतर्कता के बावजूद, इस घटना के बाद शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है।





