दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना लागू करने की तैयारी, किराए के मोहल्ला क्लीनिक होंगे बंद

दिल्ली। की बीजेपी सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में तेजी से जुट गई है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने मंगलवार को ऐलान किया कि दिल्ली में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ 10 अप्रैल को मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
एक महीने में एक लाख लोगों का पंजीकरण का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि इस MoU का मकसद एक महीने के भीतर एक लाख लोगों को इस योजना में पंजीकृत करना है। विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का वादा किया था। अब सरकार इस वादे को हकीकत में बदलने की दिशा में कदम उठा रही है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पहले इस योजना को दिल्ली में लागू करने से इनकार कर दिया था।
आयुष्मान भारत योजना के फायदे
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लगभग 12.37 करोड़ परिवारों के करीब 55 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाती है। इसमें प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है, जो द्वितीयक और तृतीयक इलाज के लिए उपयोगी है। इसके अलावा, 29 अक्टूबर 2024 को केंद्र सरकार ने इसे 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी लागू कर दिया है, जिससे वे भी सालाना 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर सकते हैं।
किराए की इमारतों में चल रहे मोहल्ला क्लीनिक होंगे बंद
स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने यह भी घोषणा की कि किराए की इमारतों में चल रहे और ठीक से काम न कर रहे मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में करीब 160 मोहल्ला क्लीनिक ऐसे हैं, जो किराए की इमारतों में चल रहे हैं और सही से कार्य नहीं कर रहे हैं।
सरकारी जमीन पर बनेंगे नए क्लीनिक
सरकार ने फैसला किया है कि नए मोहल्ला क्लीनिक अब सरकारी जमीन पर बनाए जाएंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग सात मोहल्ला क्लीनिक किराए के परिसर से चल रहे हैं। मंत्री ने कहा कि, “हमारे पास अपनी जमीन है, तो क्यों न उन्हें वहां बनाया जाए?”
सरकार का यह कदम दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब देखना यह है कि यह योजना कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू होती है।





