सुनीता विलियम्स की घर वापसी: परिवार में खुशी के साथ चिंता भी

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स नौ महीने के लंबे अंतरिक्ष मिशन के बाद अब जल्द ही धरती पर लौटने वाली हैं। उनकी वापसी की खबर से दुनियाभर में खुशी की लहर दौड़ गई है। वहीं, भारत में उनके परिवार के लोग भी इस खबर से खुश तो हैं लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित भी हैं।
परिवार की दुआएं और चिंता
सुनीता विलियम्स के चचेरे भाई दिनेश रावल ने बताया कि पूरा परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है। उन्होंने कहा, “मैं खुश हूं, लेकिन डरा हुआ भी हूं। जब तक वह सच में धरती पर कदम नहीं रखतीं, तब तक चैन नहीं मिलेगा। हम बस यही चाहते हैं कि वह अच्छे स्वास्थ्य के साथ सुरक्षित लौटें।”
बचपन से ही साहसी थीं सुनीता
दिनेश रावल ने बताया कि सुनीता बचपन से ही साहसी और जिज्ञासु थीं। जब वह भारत आई थीं, तो ऊंट की सवारी करते वक्त ऊंट से उतरने का नाम ही नहीं लेती थीं। उन्होंने बताया, “हमने सोमनाथ की तीर्थ यात्रा की और भारत के कई जगहों की यात्राएं कीं। सुनीता हमेशा से नई चीजें सीखने और करने के लिए उत्सुक रहती थीं।”
भावनात्मक रिश्ता
रावल ने यह भी बताया कि उनके चाचा की मृत्यु के बाद, सुनीता अक्सर उनका हाथ पकड़ लेती थीं। जब उन्होंने इसकी वजह पूछी, तो सुनीता ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे वह अपने पिता का हाथ थाम रही हैं। इस इमोशनल रिश्ते ने दोनों को हमेशा एक-दूसरे के करीब रखा।
कब और कैसे होगी वापसी?
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के क्रू-9 के दो और एस्ट्रोनॉट भी धरती पर लौट रहे हैं। भारतीय समय के अनुसार, आज सुबह 10:35 बजे उनका ड्रैगन कैप्सूल ISS से अलग होगा। यह करीब 17 घंटे का सफर तय करने के बाद 19 मार्च को सुबह 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर लैंड करेगा।
परिवार की उम्मीदें और प्रार्थनाएं
सुनीता के परिवार वाले और उनके चाहने वाले लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। दिनेश रावल ने कहा, “वह अपने मिशन के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। वह दुनिया को कुछ नया देना चाहती हैं और इसी उद्देश्य से यह जोखिम उठाया है।”
सबकी नजरें सुनीता की वापसी पर
अब सबकी निगाहें उस पल पर टिकी हैं, जब सुनीता विलियम्स सुरक्षित रूप से धरती पर लौटेंगी। उनके परिवार और दोस्तों की उम्मीदें और प्रार्थनाएं उनके साथ हैं।





