समायोजन-समायोजन के नारों से गूंजा रायपुर का सड़क

रायपुर में अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के बैनर तले एक विराट अनशन रैली का आयोजन किया गया, जो तूता स्थल से लेकर मंत्रालय भवन तक निकाली गई। इस रैली में लगभग 2000 की संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए, जिसमें शासकीय सेवक संघ के सदस्य और बर्ख़ास्त बीएड प्रशिक्षित शिक्षक भी उपस्थित थे।
समायोजन-समायोजन के नारों से गूँजी सड़कों पर
प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में तख्तियां लिए हुए और “समायोजन-समायोजन” के नारे लगाते हुए तूता की सड़कों को गुंजायमान किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए पदोन्नति में आरक्षण, छात्रवृत्ति और बर्ख़ास्त बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों के हक में न्याय की माँग थी।
संघ के नेताओं का संबोधन
रैली के दौरान संघ के प्रांताध्यक्ष श्री आर.एन. ध्रुव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनका संघ सदैव आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों का इस प्रकरण में कोई दोष नहीं है और संघ पूरी तरह से उनकी माँगों का समर्थन करता है।
तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
सभा के बाद, प्रदर्शनकारी मंत्रालय की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस प्रशासन ने आधे रास्ते में ही रैली को रोक दिया। इसके बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने अपनी माँगों को उठाते हुए अभनपुर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का लक्ष्य था कि वे मंत्रालय तक पहुँचें, लेकिन पुलिस द्वारा समझाने के बावजूद उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया।





