नासा और Space-x ने एक नया मिशन लांच, जल्द सुनीता विलियम्स की होगी घर वापसी,

नई दिल्ली: अब इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यानी ISS में फंसी भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स वापस पृथ्वी पर आने वाली हैं… उन्हें और एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर को वापस लाने के लिए अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और एलन मस्क की कंपनी Space-x ने उनके सुरक्षित पृथ्वी पर लौटने की घोषणा की है… जिसके लिए नासा और Space-x ने एक नया मिशन Crew10 लॉन्च किया गया है…जिसके तहत नए मेंबर्स ISS भेजकर. सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर को वापस लाया जाएगा.. इसके लिए चार नए अंतरिक्ष यात्रियों को ISS भेजा गया है..  इनमें NASA के ऐनी मैकक्लेन और निकोल एयर्स, JAXA के ताकुया ओनिशी और रोस्को- स्मोस के किरिल पेस्कोव शामिल हैं…

एक हफ्ते में करना था वापसी

बता दें कि सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर नौ महीने से ISS पर फंसे हुए थे.. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पिछले साल जून में ISS पहुंचे थे.. उन्हें वहां लगभग एक हफ्ते रहना था, लेकिन किसी कारणवश वे नौ महीने तक वहां फंसे रहे… जिसके लिए नासा और स्पेसएक्स ने 13 मार्च को फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए क्रू-10 मिशन लॉन्च किया… जो फाल्कन-9 रॉकेट को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च किया.. जो अब उन्हें वापस धरती पर लाएगा.. यह Space-x का दसवां क्रू रोटेशन मिशन है.. वहीं NASA के कमर्शियल क्रू प्रोग्राम के तहत ये ISS के लिए ग्यारहवीं क्रू फ्लाइट है… इसमें डेमो-2 टेस्ट फ्लाइट भी शामिल है…

क्या है ISS

अब हम इस बात करें कि ISS के बारे में तो बता दें कि मिशन में चार नए अंतरिक्ष यात्री ISS पर कई वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे… इससे अंतरिक्ष के बारे में हमारी समझ बढ़ेगी.. ISS एक अनोखी वैज्ञानिक प्रयोगशाला है जो पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर घूमती है… यहां गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव बहुत कम होता है… यह वातावरण वैज्ञानिकों को ऐसे प्रयोग करने का मौका देता है जो धरती पर संभव नहीं हैं… ISS में कई देशों के अंतरिक्ष यात्री एक साथ काम करते हैं…

इस दिन लौटेंगे क्रू-9 के अंतरिक्ष यात्री

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व साइंटिस्ट विनोद कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि नासा-स्पेसएक्स का स्पेसक्राफ्ट 15 मार्च को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंचेगा और डॉक करेगा… इसके बाद ये चारों नए अंतरिक्ष यात्री क्रू-9 का कामकाज संभालेंगे.. और क्रू-9 के सदस्य 19 मार्च को पृथ्वी के लिए रवाना होंगे.. हालात ठीक रहे तो सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर मार्च में ही धरती पर लौट आएंगे… जिसके लिए 2 से 5 दिन का वक्त लग सकता है। ये यात्री जिस स्पेसक्रॉफ्ट से आएंगे.. उसकी लैंडिंग अटलांटिक महासागर में होगी..

ये वापसी आसान नहीं

लेकिन ये वापसी इतनी भी आसान नहीं है.. इसमें कुछ चुनैतियां भी है.. जिसे लेकर विनोद कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि री-एंट्री स्पेस शटल के लिए विशेष रूप से खतरनाक समय है। एक ऐसा समय जिसके दौरान शटल को ज्यादा प्रेशर और हाई टेंपरेचर से गुजरना पड़ता है। वास्तव में शटल को गर्म करने के लिए दो अलग-अलग घटनाएं काम करती हैं, कंप्रेसिव हीटिंग और फ्रिक्शन। ISS धरती से 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर है। जब कोई यान धरती से करीब 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर धरती के वायुमंडल में एक खास गलियारे से एंट्री करता है… तभी वह सफलतापूर्वक धरती पर लौट पाएगा। इसमें जरा सी चूक से यान ब्रह्मंड में लौट जाएगा और उसका चक्कर लगाता रह सकता है…

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button