महाराष्ट्र के लातूर में 9 बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में FIR दर्ज

महाराष्ट्र के लातूर जिले में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर रह रहे 9 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला 13 मार्च को FIR नंबर 89 के तहत भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) के तहत दर्ज किया गया, जिसमें धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और जालसाजी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का मामला एक बार फिर सामने आया है। जांच में पता चला कि ये सभी लोग फर्जी आधार कार्ड, झूठे शपथ पत्र और अन्य नकली दस्तावेजों की मदद से जन्म प्रमाणपत्र हासिल कर चुके थे।
आरोपियों के नाम:
- मदार युसुफ पठान
- अनीरूनीसा मोहम्मद
- फैमुन्बी अय्युब मणियार
- शाहिदा शौकत कुरेशी
- फरहीन तौसीफ कुरेशी
- हुसैन गफूर शेख
- नाजेरा अब्दुल खुदुस
- रुखसार मोसीन कुरेशी
- मुस्तफा महेबूब
बीजेपी नेता किरीट सोमैया का दावा
बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने इस मामले को उजागर किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में इससे पहले भी कई जिलों में इसी तरह के फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने दावा किया था कि अकोला जिले में 15,845 बांग्लादेशी व रोहिंग्या नागरिकों ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र हासिल किए थे।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने सभी 9 आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़े फर्जीवाड़े का हिस्सा हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।





