वन रक्षक भर्ती परीक्षा में कैंडिडेट्स की मौत, परिजनों का बवाल; सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

भुवनेश्वर। ओडिशा में वन रक्षक भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान 25 किलोमीटर दौड़ में भाग लेते समय दो अभ्यर्थियों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है, जो मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाएगी। मृतको की शिनाख्त प्रवीण कुमार और ब्याेमकेश नायक के रुप मे हुई है। पुलस के अनुसार  यह घटना ओडिशा अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग (OSSSC) द्वारा आयोजित वन रक्षक और वनपाल भर्ती परीक्षा के दौरान हुई। मृतकों की पहचान ब्योमकेश नायक (क्योंझर) और प्रवीण कुमार पांडा (राउरकेला, सुंदरगढ़) के रूप में हुई है।

बेहोश होने के बाद हुई मौत

पुलिस के अनुसार अभ्यर्थी  प्रवीण कुमार पांडा राउरकेला सेक्टर-22 के निवासी थे और भवानीपुर से बरगड़ा तक 25 किलोमीटर दौड़ में शामिल थे। दौड़ते समय तसर फील्ड के पास उनका पैर फिसल गया और वह बेहोश हो गए। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसी तरह से ब्योमकेश नायक, जो पहले सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत थे और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके थे, भी वनपाल भर्ती परीक्षा के तहत दौड़ में शामिल थे। दौड़ते समय उनकी थकान बढ़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।

स्वास्थ्य सामान्य था फिर भी हुआ हादसा: अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट 

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार, प्रवीण का मेडिकल टेस्ट सामान्य था, जिसके बाद उन्हें शारीरिक परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। ब्योमकेश की एक साल की बेटी थी, और कुछ साल पहले उनके माता-पिता की एक दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। घटना पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दोनों परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।

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