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मनमोहन सिंह की बेटियों ने अपने पिता की विरासत को कैसे संभाला और आगे बढ़ाया? जानिए इस आर्टिकल में

क्या आपको मालूम है कि देश के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के परिवार में कौन कौन है. परिवार के सदस्य क्या कर रहे हैं. क्या फैमिली मेंबर्स ने कभी उनकी पोजिशन का फायदा लेने की कोशिश की. तो ये जान लीजिए कि उनकी तीन बेटियां हैं और पत्नी. बेटियों ने पढ़ाई लिखाई के बाद अलग अलग क्षेत्र चुने और वहां उन्होंने अपनी खास जगह बनाई. वो शिक्षाविद हैं, इतिहासकार हैं, मानवतावादी हैं तो लेखक भी

मनमोहन सिंह के परिवार ने न केवल उनके नाम को सम्मानित किया है, बल्कि प्रत्येक सदस्य ने अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनकी बेटियों ने न केवल उनके राजनीतिक जीवन की रक्षा की, बल्कि समाज में शिक्षा, साहित्य और मानवाधिकार के क्षेत्र में भी योगदान दिया। उनके कामों ने यह सिद्ध कर दिया कि एक बड़े राजनीतिक परिवार का हिस्सा होने के बावजूद, उन्होंने अपनी पहचान खुद बनाई है और देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल की है।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तीन बेटियां थीं – उपिंदर सिंह, दमन सिंह और अमृत सिंह. उनमें से प्रत्येक ने अपने-अपने क्षेत्रों में एक सफल करियर बनाया.

1. उपिंदर सिंह

पेशा: इतिहासकार और शिक्षाविद
वर्तमान भूमिका: अशोका विश्वविद्यालय में संकाय की डीन
शिक्षा: सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली और मैकगिल विश्वविद्यालय, मॉन्ट्रियल से डिग्री प्राप्त।
उपिंदर सिंह भारतीय इतिहास की विशेषज्ञ हैं और विशेषकर प्राचीन भारत पर उनका गहरा शोध रहा है। उन्होंने प्राचीन भारत की राजनीतिक हिंसा और इतिहास पर कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें प्राचीन और प्रारंभिक मध्यकालीन भारत का इतिहास प्रमुख है। उपिंदर को हार्वर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों से प्रतिष्ठित फ़ेलोशिप मिल चुकी है और 2009 में उन्हें सामाजिक विज्ञान में इन्फोसिस पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था। उनकी विद्वता ने न केवल भारतीय इतिहास के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान किया, बल्कि उनके शोध को अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी मिली है।

2. दमन सिंह

पेशा: लेखक
प्रमुख किताबें: स्ट्रिक्टली पर्सनल: मनमोहन और गुरशरण
दमन सिंह, मनमोहन सिंह की दूसरी बेटी, एक प्रमुख लेखक हैं और उनकी किताब स्ट्रिक्टली पर्सनल: मनमोहन और गुरशरण ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई। यह किताब उनके परिवार के निजी जीवन, उनके पिता के प्रधानमंत्री बनने के पहले और बाद की घटनाओं पर आधारित है। इस किताब के माध्यम से दमन ने अपने परिवार के जीवन को दर्शाया और इसके जरिए राजनीतिक जीवन के इंटिमेट पहलुओं को उजागर किया। दमन का ध्यान पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर भी रहा है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IPS) अधिकारी अशोक पटनायक से शादीशुदा हैं, और उनके एक बेटा है।

3. अमृत सिंह

पेशा: मानवाधिकार वकील और शिक्षाविद
वर्तमान भूमिका: स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल में कानून की प्रोफेसर
अमृत सिंह, मनमोहन सिंह की तीसरी बेटी, मानवाधिकार के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बाद में येल लॉ स्कूल से कानून में स्नातकोत्तर किया। वह अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) के लिए भी काम कर चुकी हैं। उनके करियर का फोकस न्याय, समानता और मानवाधिकारों पर रहा है। उनका काम न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर सराहा गया है।

मनमोहन सिंह की बेटियों का सार्वजनिक जीवन में योगदान

मनमोहन सिंह की बेटियों ने न केवल अपनी शिक्षा और पेशेवर उपलब्धियों के जरिए अपना नाम रोशन किया, बल्कि वे उनके पिता की राजनीतिक विरासत की रक्षा करने में भी सक्रिय रहीं। इनकी किताबों, लेखों और सार्वजनिक बयानों के माध्यम से, इन बेटियों ने मनमोहन सिंह के राजनीतिक जीवन और व्यक्तिगत संघर्षों को भी प्रकट किया है।

उपिंदर सिंह ने “द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर” की आलोचना की

उपिंदर सिंह ने संजय बारू की किताब द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर की खुलकर आलोचना की, जिसमें मनमोहन सिंह को एक कमजोर नेता के रूप में प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने इसे “विश्वासघात” और “अनैतिक” कृत्य बताया और किताब में पेश किए गए तथ्यों को गलत करार दिया। यह घटना यह साबित करती है कि उपिंदर सिंह अपने पिता की छवि की रक्षा करने के लिए तैयार थीं और उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस किताब का विरोध किया।

दमन सिंह का संस्मरण

दमन सिंह ने अपने परिवार की ज़िन्दगी और राजनीतिक जीवन को लेकर स्ट्रिक्टली पर्सनल नामक एक किताब लिखी, जिसमें वह अपने पिता के व्यक्तिगत संघर्षों और जीवन की कठिनाइयों के बारे में बताती हैं। इस किताब में दमन ने उन चुनौतियों का भी उल्लेख किया जो उनके परिवार ने प्रधानमंत्री बनने के बाद झेली। इस किताब के माध्यम से दमन ने अपने पिता की छवि को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया, जो उनके निजी जीवन और परिवारिक मूल्य से जुड़ा हुआ था।

अमृत सिंह का कानूनी और सामाजिक योगदान

अमृत सिंह ने अपने करियर में मानवाधिकारों के पक्ष में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनके द्वारा किए गए कानूनी प्रयासों ने समाज में समानता और न्याय के लिए एक मिसाल कायम की है। अमृत की विशेषज्ञता केवल वकालत तक सीमित नहीं है; उन्होंने शिक्षा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

बेटियों की उम्र और पारिवारिक जीवन

मनमोहन सिंह की बेटियाँ अब परिपक्व और परिवारक जीवन में स्थापित हो चुकी हैं।

उपिंदर सिंह (65 वर्ष): उपिंदर सिंह का परिवार भी शिक्षाविदों का है, उनके पति विजय तन्खा एक लेखक और शिक्षाविद हैं, और उनके दो बच्चे हैं।
दमन सिंह (61 वर्ष): दमन सिंह का परिवार भी आईपीएस अधिकारी अशोक पटनायक से जुड़ा है, और उनके एक बेटा है।
अमृत सिंह (58 वर्ष): अमृत सिंह के परिवार के बारे में सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन वह एक प्रतिष्ठित वकील और शिक्षाविद हैं।

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