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भारत में अवैध रुप से घुस रहे बांग्लादेशी नागरिक को असम पुलिस ने किया गिरफ्तार 

दिसपुर: भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में सियासी घमासान मचा है. शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद और देश छोड़ने के बाद से कई लोग भारत के राज्यों में घुसने की अवैध कोशिश कर रहे हैं. भारत में अवैध तरीके से घुसने पर पुलिस ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार भी किया गया है. असम पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर नागांव जिले से एक बांग्लादेशी नागरिक और उसके तीन साथियों को धर दबोचा गया है.

नागांव की धींग थाने की पुलिस टीम ने इन सभी को मवेशी बाजार से गिरफ्तार किया. नागांव के पुलिस अधीक्षक स्वप्ननील डेका ने बताया कि पुलिस ने बांग्लादेशी और उसके साथियों के कब्जे से नौ मवेशियों के सिर भी जब्त किए हैं. उन्होंने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान बांग्लादेश के सिलहट के लाठी गांव निवासी हुमायूं कबीर के रूप में हुई है. इस युवक की उम्र लगभग 32 वर्ष के करीब बताई जा रही है.

कैसे प्रवेश किया सीमा के अंदर

पुलिस पूछताछ में बांग्लादेशी नागरिक ने बताया कि भारत की सीमा के अंदर प्रवेश करने के लिए उसने 500 रुपये की रिश्वत दी थी. इलाके के एसपी ने मीडिया को बताया कि पूछताछ के दौरान कबीर ने इस बात का खुलासा किया कि उसने बीएसएफ अधिकारी को रिश्वत दी थी. जिसके बाद बीएसएफ अधिकारी ने उसे बिना किसी वैध यात्रा दस्तावेज के भारत में प्रवेश करना की अनुमति दी. उसने बताया कि वह यहां मवेशियों के व्यापार के लिए दावकी में अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया.

जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिक 4 अगस्त को सीमा पार कर 6 अगस्त को मध्य असम के नागांव जिले के बोरघाट इलाके में पहुंचा था. अधिकारी ने बताया कि नागांव जिले के सामगुरी के गेरुआती गांव में कुछ घरों की तलाशी लेने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार विदेशी नागरिक के पास से दो बांग्लादेशी सिम कार्ड के साथ एक मोबाइल फोन हैंडसेट बरामद किया. वह गेरुआती गांव में रह रहा था.

असम के सीएम ने सख्त सीमा सुरक्षा का आश्वासन दिया

बांग्लादेश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का 8 अगस्त के एक बड़ा बयान आया था. सीएम सरमा ने बुधवार को बांग्लादेशी सीमाओं से अवैध घुसपैठ पर चिंता जताते हुए कहा कि बांग्लादेश में अस्थिरता के कारण भारत घुसपैठियों का अड्डा बन सकता है, साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में अवैध प्रवेश को बढ़ावा मिल सकता है.

बांग्लादेश के हालात पर असम के सीएम ने कहा कि बांग्लादेश में जो घटना हुई है, वह चिंताजनक है. इसके दो पहलू हैं. एक यह कि अगर बांग्लादेश में ऐसी अशांति जारी रही, तो कुछ लोग भारत आने को मजबूर हो जाएंगे, इसलिए हमें अपनी सीमाओं को सुरक्षित करना होगा. सीएम ने आगे कहा कि असम पुलिस और बीएसएफ लगातार सीमा पर चौकसी कर रही है ताकि कोई भी असम में न आ सके. हालांकि, बांग्लादेश में असम के छात्रों को वापस लाया गया है. सीमा की सुरक्षा करना मेरी संवैधानिक जिम्मेदारी है.

असम के DGP ने दिया कड़ा निर्देश

असम के पुलिस महानिदेशक (DGP) जीपी सिंह ने आज 9 अगस्त को सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और दुरुस्त करने का निर्देश दिया है. DGP जीपी सिंह ने कहा कि केवल भारतीय पासपोर्ट धारकों को ही निर्दिष्ट प्रवेश बिंदुओं के माध्यम से संकटग्रस्त देश से राज्य में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी. हमारी ओर से, निर्देश बहुत स्पष्ट हैं कि हम किसी को भी राज्य में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देंगे. असम और देश के अन्य हिस्सों के कई छात्र बांग्लादेश में पढ़ रहे हैं. पिछले महीने असम के 60 छात्रों सहित 78 छात्र बांग्लादेश से लौटे थे. हम केवल भारतीय पासपोर्ट धारकों को असम में प्रवेश करने की अनुमति देंगे, जबकि हम अन्य लोगों को राज्य में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देंगे. हम पिछले तीन दिनों से लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

बांग्लादेश में उथल-पुथल

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने मुल्क में तख्तापलट के बाद भारत की शरण में आ गई है. उन्होंने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया और बांग्लादेश को छोड़ दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना मुश्किल की घड़ी में भारत में आईं हैं और अभी मौजूदा वक्त में भारत में रह रही हैं. बांग्लादेश में हालात बद से बदतर हैं. छात्रों के हिंसक और खूनी आंदोलन के बाद शेख हसीना ने अपने पद को छोड़ दिया.

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