1 डायबिटीज के स्टूडेंट्स को सीबीएसई परीक्षा में अतिरिक्त समय देने की मांग, आयोग ने 1 माह में मांगी रिपोर्ट…

तिरुवनंतपुरम । सीबीएसई अगले साल के शुरू में होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटा है। इस बीच, केरल मांग है कि टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा में अतिरिक्त समय  देने की मांग की गई है।

इस संबंध में केरल राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) के समक्ष याचिका दायर की गई थी। आयोग ने संज्ञान लेते हुए सीबीएसई से एक महीने में रिपोर्ट मांगी है। आयोग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एसएचआरसी अध्यक्ष न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और सामान्य शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव से एक महीने के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

केरल में पहले से लागू है यह नियम

  • केरल राज्य मानवाधिकार आयोग के सामने यह याचिका बुशरा शिहाब ने दायर की थी। महिला की दलील थी कि केरल में सरकार एसएसएलसी और प्लस 2 परीक्षाओं में टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित छात्रों के लिए परीक्षा के हर घंटे 20 मिनट अतिरिक्त समय दे रही है।
  • याचिका में महिला ने मांग की है कि यही व्यवस्था सीबीएसई की परीक्षाओं में लागू होना चाहिए। यह गेंद सीबीएसई के पाले में है। याचिकाकर्ता ने आयोग को बताया कि केरल में टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित स्टूडेंट्स की संख्या 8,000 से अधिक है, जबकि देशभर में यह आंकड़ा 8 लाख से अधिक है।

CBSE Board Exam: चॉकलेट से लेकर संतरा तक ले जाने की मिली है छूट

फरवरी 2024 में जारी नियमों में सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के टाइप 1 डायबिटीज पीड़ित स्टूडेंट्स को खाने-पीने संबंधी छूट दी है। ऐसे छात्रों को परीक्षा के दौरान चिकित्सकीय दृष्टि से खान-पान का सामान ले जाने की छूट है।

ये छात्र शुगर की टेबलेट, चॉकलेट, कैंडी, केला, सेब, संतरा जैसे फल, सैंडविच जैसे स्नैक आइटम और 500 मिलीलीटर पानी की बोतल पारदर्शी पाउच और बॉक्स में ले जा सकते हैं।

बोर्ड के नियमों के अनुसार, इन सुविधाओं का लाभ उठाने से पहले संबंधित स्टूडेंट को दस्तावेजों के साथ संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा। सीबीएसई की अधिकारिक वेबसाइट पर भी ये निर्देश दिए गए हैं।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button