तीन नक्सलियों ने किया सुकमा पुलिस को सरेंडर, सभी को मिलेगी सहायता राशि व अन्य सुविधाएं..

छत्तीसगढ़| सुकमा जिले में सक्रिय तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। छत्तीसगढ़ शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ एवं ‘‘नियद नेल्ला नार’ योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से आत्मसमर्पण किया गया है। नक्सलियों को आत्मससमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 201, 208 कोबरा वाहिनी एवं 217 वाहिनी सीारपीएफ के आसूचना शाखा के कर्मिकों का विशेष प्रयास रहा है।

मामले की पुष्टि सुकमा एसपी किरण चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय कुल 03 नक्सलियों के द्वारा नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा मे जुड़ने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों का विवरण
1. 
नक्सली सदस्य मुचाकी संतोष पिता मुचाकी हिड़मा (कन्हाईगुड़ा आरपीसी. डीएकेएमएस उपाध्यक्ष) उम्र लगभग 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी ग्राम कन्हाईगुड़ा थाना कोंटा जिला सुकमा (छ0ग0) के द्वारा श्री विरेन्द्र कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी 217 वाहिनी सीआरपीएफ एवं निरीक्षक अभिलाष टण्डन, प्रभारी डीआरजी जिला सुकमा के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। उक्त नक्सली को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 217 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा के कार्मिकों क का विशेष योगदान रहा।
2. नक्सली सदस्य रवा नंदा पिता कोसा राम (सुरपनगुड़ा आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य) उम्र लगभग 32 वर्ष निवासी ग्राम चिमलीपेंटा थाना चिंतलनार जिला सुकमा (छ0ग0) के द्वारा निरीक्षक अविलाष टण्डन, प्रभारी डीआरजी जिला सुकमा एवं निरीक्षक मुकेश यादव, प्रभारी सायबर सेल सुकमा के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। उक्त नक्सली को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 201 कोबरा वाहिनी आसूचना शाखा के कर्मिकों का विशेष योगदान रहा।
3. नक्सली सदस्य दिरदो भीमा उर्फ महेश पिता गंगा (पालाचलमा आरपीसी मिलिशिया सदस्य) उम्र लगभग 25 वर्ष जाति मुरिया निवासी इत्तनपाड़ थाना किस्टाराम जिला सुकमा (छ0ग0) के द्वारा निरीक्षक अविलाष टण्डन, प्रभारी डीआरजी जिला सुकमा एवं निरीक्षक अनिल कुमार, 208 कोबरा वाहिनी के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया।

नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 208 कोबरा वाहिनी आसूचना शाखा के कर्मिकों का विशेष योगदान रहा। उपरोक्त सदस्यों प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों पर स्पाईक/बम लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध बेनर, नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाने एवं अन्य घटनाओं में शामिल रहे है। उक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराई जाएंगी।

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