अबूझमाड़ में विकास की नई शुरुआत: पहली बार लगा नियमित हाट बाजार, हजारों ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में वर्षों की कठिनाइयों के बाद विकास की नई तस्वीर सामने आई है। नारायणपुर जिले के पद्मकोट और जाटलूर क्षेत्र में पहली बार नियमित हाट बाजार शुरू होने से आसपास के 20 से 25 गांवों के पांच हजार से अधिक ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। अब लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने के लिए दूसरे राज्य तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है।
कभी नमक और तेल के लिए करना पड़ता था लंबा सफर
अबूझमाड़ के ग्रामीणों के लिए वर्षों तक नमक, तेल और राशन जैसी बुनियादी वस्तुएं खरीदना भी चुनौतीपूर्ण काम था। लोगों को घने जंगलों, पहाड़ियों और दुर्गम रास्तों से होकर 30 से 40 किलोमीटर पैदल चलकर महाराष्ट्र के बाजारों तक पहुंचना पड़ता था। कई बार सफर इतना लंबा होता था कि ग्रामीणों को जंगल में ही रात गुजारनी पड़ती थी।
क्षेत्र में सड़क, बाजार और व्यापारिक गतिविधियों की कमी के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक कठिन हो जाती थी।
नक्सल प्रभाव कम होने के बाद पहुंचा विकास
पदमकोट और आसपास का इलाका लंबे समय तक नक्सल प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता रहा। सुरक्षा चुनौतियों और विकास कार्यों में बाधाओं के कारण यहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया था। हाल के वर्षों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और सड़क निर्माण कार्यों के आगे बढ़ने से हालात में बदलाव आया है।
क्षेत्र में सुरक्षा कैंप स्थापित होने के बाद सड़क संपर्क बेहतर हुआ और व्यापारियों ने भी यहां पहुंचना शुरू किया। इसके परिणामस्वरूप अब नियमित हाट बाजार लगने लगे हैं, जहां किराना, सब्जियां, कपड़े, कृषि सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध हो रही हैं।
बाजार से बदली ग्रामीणों की जिंदगी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव के पास बाजार लगने से समय, मेहनत और पैसे की बचत हो रही है। अब उन्हें आवश्यक सामान खरीदने के लिए दूसरे राज्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे ग्रामीणों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है।
प्रशासन का मानना है कि यह केवल बाजार की शुरुआत नहीं, बल्कि अबूझमाड़ के मुख्यधारा से जुड़ने का प्रतीक है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी सुविधाओं का विस्तार भी लगातार किया जा रहा है। आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।





