उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में साढ़े चार साल बाद हुआ मुकदमा दर्ज, जानें पूरा मामला 

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिला में फरवरी 2022 में हुए दंगे के दौरान सीएए के विरोध में हुए धरने पर बैठी महिलाओं और मस्जिद में भीड़ द्वारा किए गए हमले को लेकर दयालापुर थाना पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट के 31 अगस्त 2024 को दिए आदेश पर मुक़दमा दर्ज किया है.

पुलिस ने दंगा के साथ ही धार्मिक स्थल को तहस नहस करने, आगजनी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने एफआईआर में तीन लोगों को नामजद भी किया है. शिकायतकर्ता खुर्शीद सैफी के मुताबिक, 25 फरवरी की शाम 6:30 बजे बृजपुरी पुलिया के पास टेंट लगा कर धरने पर बैठी महिलाओं पर भीड़ ने हमला कर दिया. दंगाईयों के हाथ में लाठी, डंडे, तलवार, त्रिशूल, भाले, बॉम्ब, पेट्रोल बॉम्ब सहित कई खतरनाक हथियार थे. दंगाईयों ने पेट्रोल बॉम्ब टेंट पर फेका, जिससे वहां भगदड़ मच गई.

शिकायतकर्ता का दावा है कि इस दौरान वह वहीं मस्जिद की गेट पर खड़ा था. तभी पुलिस, नीली वर्दी वाले रेपिड एक्शन फाॅर्स,दंगाईयों के साथ मस्जिद में घुस आए. सबने मिलकर नमाजियों पर हमला कर दिया. वह किसी तरह से जान बचा कर वहां से भागने में कामयाब रहा. शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत याचिका कड़कड़डूमा कोर्ट में दायर की थी, जिसपर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था.

बता दें कि 23 फरवरी 2023 से 25 फरवरी 2024 के बीच हुए दंगे में 53 लोगों की मौत हुई, जबकि सड़कों लोग घायल हुए थे. इस मामले में अब तक 760 मुक़दमे दर्ज किए जा चुके हैं.

 

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