गर्भवती पत्नी से मारपीट: गर्भवती बहन से मारपीट के बाद गर्भस्थ शिशु की मौत, भाई ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
हिर्री पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप, सीसीटीवी फुटेज की जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग

बिलासपुर में गर्भवती महिला के साथ कथित मारपीट और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। (गर्भवती पत्नी से मारपीट) पीड़िता के भाई आदित्य कौशिक ने अपने जीजा आशीष कौशिक पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए हैं। आदित्य के मुताबिक, उनकी बहन सभ्या कौशिक उर्फ शक्कू की शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी और वह चार महीने की गर्भवती थी।
30 सितंबर को बहन की गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली। आरोप है कि पति की मारपीट के कारण उसे गंभीर चोटें आईं और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। पीड़िता की हालत बिगड़ने पर उसे रायपुर रेफर किया गया, जहां वह आईसीयू और वेंटिलेटर पर रही। अस्पताल से घर लौटने के बाद अब पीड़िता के भाई ने एसपी कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है…..
हिर्री पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप, (गर्भवती पत्नी से मारपीट)
पीड़िता के भाई आदित्य कौशिक ने आरोप लगाया कि उनकी बहन के साथ हुई मारपीट के मामले में हिर्री थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी और एफआईआर भी हुई है। शिकायत के अनुसार, 2 अक्टूबर को मामला दर्ज हुआ और 3 अक्टूबर को आरोपी पति की गिरफ्तारी की गई। इसके बाद घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन परिवार का आरोप है कि जांच में अब भी कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
आदित्य का कहना है कि अस्पताल से इलाज संबंधी पूरी मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त करने और आरोपी के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करने की मांग की गई, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने जांच अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है….
सीसीटीवी फुटेज की जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग
पीड़िता के भाई ने आरोपी पक्ष पर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। आदित्य कौशिक के मुताबिक, उन्हें धमकी दी जा रही है कि आरोपी जेल से बाहर आने के बाद उन्हें देख लेगा। इस वजह से पूरा परिवार डरा हुआ है और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।
आदित्य ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराने, अस्पताल से मेडिकल दस्तावेज प्राप्त करने, सीसीटीवी फुटेज की तकनीकी जांच कराने और धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि मामले के सभी साक्ष्यों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। फिलहाल, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है…..





