मजदूरी मांग: तमिलनाडु में छत्तीसगढ़ के मजदूरों की मजदूरी अटकी, 36 श्रमिकों का 9.63 लाख रुपये बकाया होने का आरोप

मजदूरी मांगने पर धमकी देने का आरोप, लेबर ऑफिस से भी नहीं मिली मदद; बिलासपुर लौटे श्रमिक

तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुकलतराई गांव में काम करने गए बिलासपुर जिले के प्रवासी मजदूरों ने (मजदूरी मांग) ठेकेदारों पर मजदूरी का लाखों रुपये भुगतान नहीं करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। श्रमिकों के अनुसार, गाजर खुदाई, ढुलाई, बोरा भराई-सिलाई और पिकअप में लोडिंग का काम 200 रुपये प्रति बोरा मजदूरी पर तय हुआ था। शिकायत के मुताबिक वर्ष 2021 से काम कर रहे मजदूरों की पुरानी मजदूरी 7 लाख 81 हजार 800 रुपये और 1 नवंबर 2025 से 8 अगस्त 2026 तक काम करने वाले 16 मजदूरों की 1 लाख 81 हजार 400 रुपये मजदूरी बकाया है। इस तरह कुल बकाया राशि 9 लाख 63 हजार 200 रुपये बताई गई है।

लेबर ऑफिस से भी नहीं मिली मदद; बिलासपुर लौटे श्रमिक (मजदूरी मांग)

श्रमिकों का आरोप है कि 8 अगस्त को काम खत्म होने के बाद उन्होंने ठेकेदार अनबु और जितु से बकाया मजदूरी मांगी, लेकिन उन्हें भुगतान के लिए टाल दिया गया। इसके बाद 15 अगस्त को मजदूर कोयम्बटूर लेबर ऑफिस पहुंचे। वहां कथित तौर पर ठेकेदारों को बुलाया गया, लेकिन बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। मजदूरों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने वीडियो बना रहे एक युवक का मोबाइल छीनकर फोटो और वीडियो डिलीट कर दिए तथा चोरी के केस में फंसाने की धमकी दी। मजदूरों ने डरकर वहां से निकलना ही उचित समझा। रिश्तेदारों से 6 हजार रुपये मंगाकर वे 18 अगस्त को ट्रेन से नागपुर पहुंचे और 20 अगस्त की रात बिलासपुर लौटे। अब मजदूरों ने बकाया मजदूरी दिलाने और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

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