तहसील बदहाल: रोजाना सैकड़ों की भीड़…फिर भी नहीं स्वच्छ पानी व शौचालय सुविधा

बेतरतीब पार्किंग व परिसर में अवैध कब्जे से लोग परेशान

बिलासपुर तहसील कार्यालय में नामांतरण, सीमांकन और दूसरे राजस्व कार्यों के लिए रोजाना सैकड़ों पक्षकार और अधिवक्ता पहुंचते हैं। (तहसील बदहाल) लेकिन यहां पहुंचने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी जूझना पड़ रहा है। तहसील परिसर में न तो साफ-सुथरे शौचालय की व्यवस्था है और न ही नियमित शुद्ध पेयजल का इंतजाम। सबसे ज्यादा परेशानी महिला पक्षकारों और महिला अधिवक्ताओं को उठानी पड़ रही है। वहीं बेतरतीब पार्किंग, अवैध कब्जे और जर्जर भवन ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।

बेतरतीब पार्किंग व परिसर में अवैध कब्जे से लोग परेशान (तहसील बदहाल)

बिलासपुर तहसील कार्यालय… जहां रोजाना जमीन-जायदाद, नामांतरण, सीमांकन और राजस्व से जुड़े कामों के लिए सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। लेकिन आम लोगों की सुविधा के लिए जिम्मेदार इस परिसर की खुद की व्यवस्थाएं बदहाल नजर आ रही हैं। सबसे बड़ी समस्या यहां के शौचालयों की है। गंदगी, बदबू, टूटे दरवाजे और पानी की कमी के चलते लोगों का इस्तेमाल करना मुश्किल है। हालात ऐसे हैं कि कई लोग खुले में जाने को मजबूर हो रहे हैं।

इस बदहाली का सबसे ज्यादा खामियाजा महिला पक्षकारों और महिला अधिवक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से अपने राजस्व मामलों के लिए तहसील पहुंचने वाली महिलाओं के लिए स्वच्छ और सुलभ शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। घंटों कार्यालय में रहने के दौरान उन्हें अपनी परेशानी छिपाकर रखने को मजबूर होना पड़ता है। बुजुर्गों के लिए भी यह अव्यवस्था बड़ी परेशानी बनी हुई है।

तहसील परिसर में सिर्फ शौचालय ही नहीं, बल्कि पेयजल की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं होने से लोगों को पानी के लिए परिसर से बाहर जाना पड़ता है। दूसरी ओर साइकिल स्टैंड और पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन बेतरतीब खड़े रहते हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। अवैध कब्जों ने पैदल चलने की जगह भी कम कर दी है।

तहसील कार्यालय का मुख्य भवन भी लंबे समय से जर्जर हालत में है। परिसर में जगह-जगह कचरा और गंदा पानी जमा होने की शिकायत है। अधिवक्ताओं का कहना है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया गया और कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। वहीं जर्जर भवन से कार्यालय को दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना भी लंबे समय से फाइलों में अटकी हुई बताई जा रही है।

तहसील कार्यालय वह जगह है, जहां रोजाना सैकड़ों लोग अपने जरूरी राजस्व कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां स्वच्छ शौचालय, पेयजल, पार्किंग और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। लेकिन फिलहाल इन सुविधाओं की कमी आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए कब तक ठोस कदम उठाता है।

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