शिकायत: अपोलो हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली पर बढ़ा जनआक्रोश, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को लिखा पत्र
चिकित्सा सेवा है, व्यापार नहीं', शासकीय योजनाओं के पालन पर भी उठाए सवाल

मरीजों के उपचार में कथित लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर (शिकायत) अपोलो हॉस्पिटल के खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद अब आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों में भी अस्पताल प्रबंधन के प्रति नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

मरीजों के हित में सख्त कार्रवाई की मांग, (शिकायत)
तोखन साहू ने अपने पत्र में कहा है कि चिकित्सा सेवा का उद्देश्य लोगों का जीवन बचाना और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि इसे केवल व्यापार का माध्यम बनाया जाएगा तो यह जनता के हितों के विपरीत होगा। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले भी अपोलो हॉस्पिटल द्वारा शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं के समुचित पालन नहीं किए जाने संबंधी शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेजी जा चुकी है। अब हालिया घटनाक्रम के बाद एक बार फिर मामले को गंभीरता से उठाया गया है। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस मामले में उचित जांच कराते हुए दोषी पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी, ताकि भविष्य में मरीजों के हितों से कोई समझौता न हो।





