TMC में इस्तीफों की लहर: सत्ता परिवर्तन के बाद 101 पार्षदों ने छोड़ा पद, ममता के सामने संगठन बचाने की चुनौती

दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी के भीतर इस्तीफों और बगावत का दौर शुरू हो गया है।

सोमवार को पार्टी को बड़ा झटका तब लगा, जब 101 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इससे पहले लोकसभा सांसद काकोई घोष ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था।

जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा 30 पार्षदों ने भटपारा नगरपालिका से इस्तीफा दिया। उत्तर बैरकपुर- 15, गारुलिया- 18, कोंटाई- 14, हालिसहार- 16, भटपारा- 30, डायमंड हार्बर नगरपालिका में सोमवार तृणमूल कांग्रेस के 8 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।

डायमंड हार्बर को पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां से अभिषेक बैनर्जी सांसद हैं। ऐसे में यहां से भी इस्तीफे सामने आना पार्टी के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी में अंदरूनी कलह, दलबदल और नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ा है। इससे तृणमूल कांग्रेस का जमीनी संगठन कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने हाल ही में कहा था कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे जा सकते हैं और वह पार्टी को दोबारा खड़ा कर लेंगी। हालांकि लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। अब ममता और अभिषेक बनर्जी के सामने संगठन को एकजुट रखने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

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