सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस फर्जी, CBSE बोला- आधिकारिक वेबसाइट से ही लें जानकारी

दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नोटिस को फर्जी बताया है। इस नोटिस में दावा किया गया था कि 12वीं बोर्ड परीक्षा की स्कैन कॉपी, फोटो कॉपी और री-चेकिंग की प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। CBSE ने साफ कहा है कि ऐसी कोई प्रक्रिया बंद नहीं की गई है और छात्र किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें।
बोर्ड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बयान जारी करते हुए कहा कि स्कैन कॉपी और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। छात्रों को केवल CBSE की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करना चाहिए।
CBSE ने कहा कि मूल्यांकन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। छात्रों की शिकायतों और आपत्तियों की जांच विषय विशेषज्ञों द्वारा तय प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
इस बीच तकनीकी समस्याओं को देखते हुए बोर्ड ने स्कैन कॉपी के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। पहले आवेदन की आखिरी तारीख 22 मई थी, जिसे बाद में 23 मई और अब 24 मई 2026 तक बढ़ाया गया है।
20 मई से शुरू हुई प्रक्रिया के दौरान कई छात्रों ने पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की थी। कुछ छात्रों को पेमेंट फेल, आवेदन सबमिट नहीं होने और स्कैन कॉपी डाउनलोड न होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। वहीं कुछ छात्रों ने दावा किया कि पोर्टल पर गलती से प्रति कॉपी 69 हजार रुपए फीस दिखाई दे रही थी।
लगातार शिकायतों के बाद बोर्ड ने तकनीकी टीम को खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। CBSE ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी तकनीकी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा, ताकि छात्र बिना परेशानी आवेदन कर सकें।





